शी जिनपिंग ने तीसरी बार सत्ता में इतिहास

जनादेश/बीजिंग : शी जिनपिंग ने तीसरी बार सत्ता में रिकॉर्ड बनाया है। पांच साल के कार्यकाल के लिए
तीसरी बार शी जिनपिंग को ‘कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना’ (सीपीसी) का महासचिव चुना गया और उन्होंने इतिहास रच दिया।

बता दें कि जीवनपर्यंत चीन में सत्ता पर काबिज करेंगे। वह पार्टी संस्थापक माओ जेदोंग के बाद सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के ऐसे पहले नेता हैं, जो अभूतपूर्व रूप से तीसरे कार्यकाल के लिए सत्ता में आए हैं।

जानकारी के अनुसार, शी जिनपिंग को सीपीसी की 20वीं केंद्रीय समिति का महासचिव चुना गया। इसमें सीपीसी केंद्रीय समिति के 203 सदस्यों और 168 वैकल्पिक सदस्यों ने भाग लिया। सत्र में सीपीसी केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) का अध्यक्ष भी नामित किया गया।

बता दें कि शी जिनपिंग को पहले 2012 में चुना गया था और उनका 10 साल का कार्यकाल इस साल पूरा हो जाएगा। वहीं पार्टी में नंबर दो समझे जाने वाले प्रधानमंत्री ली क्विंग समेत कई उदारवादी नेता 300 सदस्यीय केंद्रीय समिति में जगह बनाने में नाकाम रहे। हालांकि पांच साल में एक बार होने वाले महासम्मेलन (कांग्रेस) में वे समिति में चुने नहीं गए।

जिसके तहत शी जिनपिंग को अपेक्षा के अनुसार केंद्रीय समिति में चुना गया। इसके बाद उन्हें राजनीतिक ब्यूरो और फिर स्थायी समिति में चुना गया और वह आसानी से महासचिव चुन लिए गए।

इस दौरान पर्यवेक्षकों ने कहा कि राष्ट्रपति, पार्टी नेता एवं सैन्य प्रमुख के रूप में सबसे शक्तिशाली नेता के रूप में शी जिनपिंग के उभरने और माओ के नक्शेकदम पर उनके इस पद पर आजीवन बने रहने की संभावना को चिंता एवं घबराहट के साथ देखा जा रहा है, क्योंकि एक पार्टी वाला देश अब एक नेता वाला देश बन गया है।

शी जिनपिंग ने कहा कि संविधान में संशोधन पार्टी के समग्र नेतृत्व को बनाए रखने और मजबूत करने की स्पष्ट आवश्यकताओं को निर्धारित करता है। संघर्ष करने की हिम्मत करो, जीतने की हिम्मत करो और कड़ी मेहनत करो। आगे बढ़ते रहने के लिए दृढ़ संकल्पित रहो।