क्यों पौड़ी जिला प्रशासन आपदा पीड़ितों की सुध नहीं ले रहा है

जनादेश/ऋषिकेश: बीते 19 अगस्त को पौड़ी जनपद अंतर्गत यमकेश्वर ब्लॉक के तलाईं और बैरागढ़ समेत कई गांवों में हुई अतिवृष्टि से ग्रामीणों का बहुत नुकसान हुआ है। पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। ग्रामीणों की कृषि भूमि बर्बाद हो गई, मुख्य मार्ग टूट गए, मकान जमींदोज हो गए। सिंचाई नहर टूट गए हैं। पौड़ी प्रशासन की ओर से अभी तक पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिला है। मुआवजे के लिए ग्रामीण शासन-प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं।

ग्राम सभा मराल के तलांई गांव में हुई अतिवृष्टि से ग्रामीणों की कृषि भूमि गदेरे में आई बाढ़ से जमींदोज हो गई। कृषि भूमि के साथ-साथ कई ग्रामीण परिवारों के आवासीय मकान खतरे की जद में हैं। जिससे कभी भी जानमाल का बड़ा हादसा हो सकता है। कई मकानों की ओर गदेरा बह रहा है। हल्की बारिश में भी ग्रामीणों में दहशत है। स्थानीय प्रशासन ने सिर्फ निरीक्षण कर औपचारिकता निभाई है।

इस आपदा से ग्रामीणों कि कई सौ नाली पुश्तैनी कृषि भूमि धान सहित गदेरे की बाढ़ में जमींदोज हो गई है। स्थानीय ग्रामीण सत्यपाल सिंह राणा, संदीप कुमार, स्वयंम्बर सिंह रावत, कमल सिंह पयाल ने बताया कि बीते 19 अगस्त को गदेरे में आई बाढ़ से दयाल सिंह भंडारी की चक्की, महेंन्द्र सिंह पयाल, रणजीत सिंह, मुकेश, अखिलेश, रविंद्र, उमेद, सोहन सिंह, सत्येन्द्र और जगमोहन सिंह पयाल की धान सहित कृषि भूमि गदेरे के बाढ़ में बह गई। 

कमल सिंह पयाल के मकान की तरफ गदेरा आ गया है। यही नहीं मराल में सिंचाई की नहर और पेयजल आपूर्ति भी बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जिससे ग्रामीण गदेरों का पानी पीने को मजबूर हैं। बावजूद इसके प्रशासन-शासन ने अभी तक इस ओर न ही उचित कार्रवाई की और न ही बाढ़ पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा ही दिया है। 

उधर ग्राम पंचायत सिंदुड़ी के पूर्व प्रधान अरुण जुगलान ने बताया कि बीते 19 अगस्त कोई यमकेश्वर ब्लॉक क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि से बैरागढ़ गांव में कोमल जुगलान, अरुण जुगलान, देवेंद्र जुगलान और राजेंद्र जुगलान के छह कमरे और तीन शौचालय आपदा की भेंट चढ़ गए। जिन्हें अभी तक शासन-प्रशासन की ओर से कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। इस बारे में वह जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक इसकी शिकायत कर चुके हैं। उसके बावजूद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। 

विभागीय स्तर पर हुई जांच के बाद ही सभी आपदा पीड़ितों को विभागीय नियमानुसार मुआवजा दिया जा चुका है। बैरागढ़ के पूर्व प्रधान अरुण जुगलान को जो नुकसान हुआ है, उस भूमि पर उनका स्वामित्व नहीं है। जिसको लेकर जांच चल रही है। समस्या का समाधान होने पर उन्हें जल्द ही इसका मुआवजा दिया जाएगा। 

-मनजीत गिल, तहसीलदार, यमकेश्वर