उत्तराखंड:कर्मचारी परेशान, आयुष्मान योजना के 2 साल से अटके पड़े हैं बिल

देहरादूनः उत्तराखंड में 3 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों को अटल आयुष्मान योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकार ने 2 साल पहले कर्मचारियों को योजना से जोड़ने की घोषणा तो की लेकिन अब भी कर्मचारी योजना से कोसों दूर है। दरअसल, उत्तराखंड के तीन लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारी आयुष्मान योजना से लाभान्वित होने हैं लेकिन 2 साल से ज्यादा वक्त बीतने के बाद भी कर्मचारियों के ना तो कार्ड बन पाए हैं और ना ही अभी तक योजना को लेकर नियमावली ही तैयार की गई है।
पिछले 2 साल से पेंशनर्स और सरकारी कर्मचारी इस बात को लेकर परेशान है कि उनके मेडिकल बिल पेंडिंग हैं। पुरानी मेडिकल योजना के बंद होने से मेडिकल फैसिलिटी का लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल पा रहा है। शिक्षा विभाग में सरकारी कर्मचारी सतीश घिल्डियाल कहते हैं कि सरकार ने आयुष्मान योजना का लाभ देने का फैसला तो किया मगर उसको 2 साल बाद भी अमलीजामा नहीं पहना पाए हैं। अभी भी कर्मचारी मेडिकल फैसिलिटी का लाभ नही उठा पा रहे हैं।

वहीं आयुष्मान योजना के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर बैठे आरुरेन्द्र चैहान कहते हैं कि अब तक आयुष्मान योजना का लाभ लोगों को मिल जाता अगर बीच में लॉक डाउन न हुआ होता। लोगों की सैलरी से ही मेडिकल फंड कटेगा और पहले की तरह ही मेडिकल फैसिलिटी मिलेगी। आरुरेन्द्र चैहान ने कहा कि लॉक डाउन खुलते ही पहली प्राथमिकता में सरकारी कर्मचारियों के आयुष्मान कार्ड ही बनेंगे।

सरकार ने पहली प्राथमिकता में आयुष्मान योजना का लाभ हर आदमी को देने का फैसला लिया है इसलिए उसपर काम चल रहा है। बहरहाल कब लॉक डाउन खुलेगा और कब कार्ड बनेगा, ये तो पता नहीं लेकिन इतना जरूर है कि 2 साल से कर्मचारियों के मेडिकल बिल तो पेंडिंग है, जो कई पेंशनर्स को परेशान कर रहे हैं।