युद्ध के बीच पोलैंड पहुंचेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

जनादेश/नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हुए अब 30 दिन हो चुके हैं। हालांकि, अब तक तक दोनों ही पक्ष जंग को रोकने के लिए किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं।इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन आज पोलैंड दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे पोलैंड की यूक्रेन से लगती सीमा पर मौजूद रेजेस्जोव शहर भी जाएंगे। यह शहर यूक्रेनी बॉर्डर से महज 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध में इस्तेमाल होने वाले हथियारों पर करीब से नजर रखी है। एक अधिकारी ने दावा किया है कि रूस की कुछ मिसाइलों की असफलता दर 60 फीसदी से ज्यादा है। यानी यह मिसाइलें लक्ष्य भेदने में नाकाम हो रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन्हीं बेकार हथियारों की वजह से रूस को यूक्रेन के शहरों में अब तक कोई खास बढ़त नहीं मिली है।

बुल्गारिया: रूस के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग

बुल्गारिया की राजधानी सोफिया में हजारों लोग यूक्रेन पर रूस के हमले का विरोध करने और यूक्रेनवासियों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए सड़कों पर उतरे। सोशल नेटवर्क के माध्यम से यह रैली आयोजित की गयी थी। उससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दुनियाभर के लोगों से, उनके देश में महीने भर से चल रही लड़ाई का विरोध करने का आह्वान किया था। यहां यूक्रेन के करीब 60,000 शरणार्थियों ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारी ‘ युद्ध बंद करो’, ‘पुतिन को रोको’ और ‘लोकतांत्रिक यूक्रेन की आजादी’ के नारे लगा रहे थे और उनके हाथों में यूक्रेन के एवं यूरोपीय झंडे थे।

फिनलैंड की पीएम बोलीं- रूस से ऊर्जा खरीद युद्ध का वित्त पोषण कर रहे हम

फिनलैंड की प्रधानमंत्री सन्ना मारिन ने कहा, “जब तक हम रूस से ऊर्जा खरीद रहे हैं, तब तक हम इस युद्ध का वित्त पोषण कर रहे हैं और हमारे सामने यह बड़ी चुनौती है।” बाल्टिक देशों के नेताओं ने भी मारिन का समर्थन किया। लातविया के प्रधानमंत्री क्रिसजनिस कारिन्स ने संवाददाताओं से कहा, “हमें रूस की अर्थव्यवस्था को अलग-थलग करना है ताकि युद्ध में धन के उपयोग को रोका जा सके।

ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस पर निर्भर यूरोप, नहीं रोक पा रहा सप्लाई

यूरोपीय संघ के सदस्य देशों ने एक सम्मेलन में, यूक्रेन पर हमले को लेकर रूस पर प्रतिबंध के मुद्दे पर एकजुटता दिखाई लेकिन ऊर्जा क्षेत्र के मुद्दे पर 27 देशों के नेताओं में सहमति नहीं बन पाई। यूक्रेन पर रूस के हमले के संबंध में यह शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया था। युद्ध की शुरुआत में, ईयू के सदस्य देशों ने रूस की अर्थव्यवस्था, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और रूसी धनाढ्य वर्ग को लक्षित कर कड़े कदम उठाते हुए कई प्रतिबंध लगाए थे। अमेरिका के रुख के उलट, ईयू ने अब तक रूस से प्राप्त होने वाले जीवाश्म ईंधन पर पाबंदी नहीं लगाई है जिससे पता चलता है कि सदस्य देशों के उद्योग रूस के तेल, प्राकृतिक गैस और कोयले के भंडार पर किस हद तक निर्भर हैं।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने यूक्रेन का साथ देने और रूस पर प्रतिबंध लगाने के लिए यूरोपीय संघ के नेताओं का शुक्रिया अदा किया। यूरोपीय संघ (ईयू) की बैठक के दौरान जेलेंस्की ने कीव से वीडियो के जरिये उपस्थित नेताओं से यूक्रेन को संघ में शामिल करने के आवेदन पर तेजी से कार्रवाई करने की अपील भी की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं, आपसे विलंब न करने का आवेदन करता हूं। हमारे लिए यही एक मौका है।’’ उन्होंने जर्मनी और विशेष रूप से हंगरी से यूक्रेन की इस कोशिश को अवरुद्ध न करने की भी अपील की। जेलेंस्की ने हंगरी के राष्ट्रपति विक्टर ओरबान से कहा, ‘‘विक्टर, क्या आपको पता है मारियुपोल में क्या हो रहा है? मैं चाहता हूं कि आप फैसला करें कि आप किसके साथ हैं।

यूक्रेन का दावा- अजोव सागर में तबाह किया रूस का पोत

यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने अजोव सागर में रूस के एक नौसैन्य परिवहन पोत को तबाह कर दिया है। यह पोत मारियुपोल के करीब था। यूक्रेन की नौसेना ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि रूस के काले सागर के बेड़े के एक परिवहन पोत को बर्डयांस्क के बंदरगाह में तबाह कर दिया गया। इससे जुड़ा एक वीडियो भी पोस्ट किया गया है, जिसमें समुद्र में खड़े हुए एक पोत से काले धुएं का गुबार निकलता देखा जा सकता है।

आज यूक्रेन सीमा के करीब रहेंगे जो बाइडन

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन आज पोलैंड दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे पोलैंड की यूक्रेन से लगती सीमा पर मौजूद रेजेस्जोव शहर भी जाएंगे। यह शहर यूक्रेनी बॉर्डर से महज 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यूक्रेन की खुफिया एजेंसियों ने दावा किया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 9 मई को इस युद्ध का अंत करना चाहते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, रूस के लिए यह दिन बेहद खास होता है, क्योंकि 70 साल पहले रूस ने इसी दिन को नाजियों पर अपनी जीत के दिन के तौर पर चिह्नित किया था।