लॉकडाउन का उल्लंघन कर यूपी विधायक पहुंचे उत्तराखंड, मामला दबाने में लगे अधिकारी

देहरादून। उत्तर प्रदेश के विधायक अमनमणि त्रिपाठी का उत्तराखंड में लॉकडाउन उल्लंघन का मामला गरमाता जा रहा है। इस मामले पर अधिकारी कुछ भी कहने के बचते हुए नजर आ रहे हैं. इस बारे में जब अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश से बात करनी चाही तो उन्होंने नो कमेंट कहकर मामले से पल्ला झाड़ दिया। अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश की अनुमति के बाद देहरादून जिला प्रशासन ने विधायक त्रिपाठी को बदरीनाथ-केदारनाथ जाने की अनुमति दी थी। हालांकि यूपी पुलिस ने अमनमणि को सात सर्मथकों सहित गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश के निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता के श्राद्ध की बात कहकर बदरीनाथ जाना चाह रहे थे, लेकिन इस बीच कर्णप्रयाग में प्रशासन ने उन्हें रोक लिया और उनके खिलाफ कार्रवाई भी की। इस दौरान विधायक त्रिपाठी के साथ 10 और लोग भी मौजूद थे। विधायक त्रिपाठी को बदरीनाथ जाने के दो पास मिले थे। ये दोनों पास देहरादून जिला प्रशासन और शासन से अपर मुख्य सचिव की अनुमति के बाद मिले थे।

लॉकडाउन के दौरान अमनमणि को कैसे बदरीनाथ जाने का पास दे दिया गया जबकि बदरीनाथ के कपाट अबतक खुले भी नहीं हैं। ये ही नहीं, विधायक त्रिपाठी के साथ 10 अन्य लोगों को शासन और प्रशासन ने कैसे अनुमति दे दी। इसको लेकर जब पास जारी करने वाले अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश से बात करनी चाही तो उन्होंने इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। सवाल यह भी खड़ा होता है कि अमनमणि त्रिपाठी जो उत्तर प्रदेश के लखनऊ से चले थे वह कैसे लॉकडाउन के बीच पूरा उत्तर प्रदेश पार करते हुए उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश कर गए।

हरिद्वार जिले से होते हुए वे कैसे रुद्रप्रयाग, टिहरी जिले और चमोली जिले के कर्णप्रयाग पहुंच गए। इतने लंबे रास्ते में उन्हें किसी ने रोका क्यों नहीं। लेकिन इनमें से किसी भी सवाल का जवाब अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश के पास नहीं है। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाई महेंद्र ने किसी भी तरह के पितृ कार्य को नकारा है। पिता स्वर्गीय आनंद सिंह बिष्ट की अस्थियों को प्रवाहित किया जा चुका है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिरी इजाजत किस आधार पर दी गई. बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बावजूद अमनमणि त्रिपाठी को उत्तराखंड में प्रवेश कैसे करने दिया गया है।

कोरोना के चलते पूरे देश में डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट लागू है। डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत धार्मिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से आम जनता के लिए बंद है। बावजूद इसके अमनमणि त्रिपाठी को इजाजत क्यों दी गई? फिलहाल, अमनमणि के खिलाफ टिहरी के मुनी की रेती थाने में महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।