गर्मी के इस मौसम में भी पर्यटक ले सकेंगे बर्फबारी का आनंद

जनादेश/शीमला: यह देश में अपनी तरह का पहला पर्यटन स्थल रहा है जहां पर्यटकों को मई और जून में भी आसमान से बर्फ के टुकड़े गिरते हुए देखने को मिलेंगे। हालांकि, सबसे ऊंचे दर्रे शिंकुला और बारालाचा भी हैं। लेकिन हिमाचल के रोहतांग जैसा कोई नजारा देखने को नहीं मिलेगा। रोहतांग दर्रे में सुबह धूप, दोपहर में बादल छाए रहते हैं और एक बिंदु पर बर्फबारी देखने को मिलती है।

रोहतांग दर्रे की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई है कि एक दिन में चार हजार पर्यटक वाहन पहुंचने लगे। वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एनजीटी ने पास के पर्यटक वाहनों की संख्या 1200 निर्धारित करी। हालांकि, अटल सुरंग के निर्माण के कारण, पर्यटकों को शिंकुला, बारालाचा, ज़ांस्कर, चंद्रताल और कुंजाम के रूप में नए पर्यटन स्थल मिले। लेकिन रोहतांग दर्रा अपनी अलग पहचान के कारण पर्यटकों के बीच आज भी अपनी एक अलग पहचान रखता है।

कोरोना के कारण लगातार दो साल से गर्मी का मौसम बरबाद हो गया। दो साल बाद इस बार पर्यटन उद्योग फिर से सामान्य हो गया है। इस बार गर्मी का मौसम 15 मई से जोर पकड़ेगा। गर्मी के मौसम में रोहतांग दर्रा पर्यटकों की पहली पसंद होगा। वैसे तो वाहनों की संख्या तय है, लेकिन आसपास के इलाकों में पर्यटकों की आमद सीमित रहेगी, लेकिन डेढ़ महीने तक रोहतांग दर्रा सबसे खूबसूरत रहेगा। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश ठाकुर और उपाध्यक्ष रोशन ठाकुर ने कहा कि गर्मी का मौसम बेहतर रहने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि रोहतांग दर्रे के जीर्णोद्धार से मनाली में पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। एसडीएम मनाली डॉ. सुरेंद्र ठाकुर ने कहा कि पास में ही पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है। बर्फबारी के चलते गुरुवार को पर्यटकों को मढ़ी भेजा गया है। रोहतांग दर्रे में वाहनों की आवाजाही मौसम पर निर्भर करेगी