जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी को दी गई धमकी

जनादेश/प्रयागराज: प्रयागराज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से अध्यक्ष अमित कुमार निगम पद के उम्मीदवार को धमकी दी गई थी, जिसपर केस भी दर्ज कराया गया है। इससे परेशान होकर वकील ने मोबाइल फोन नंबर के आधार पर सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। लोटस अपार्टमेंट ताशकंद मार्ग सिविल लाइंस निवासी अमित कुमार निगम जिला न्यायालय में वकील हैं।

उन्होंने 2018 में डिफेंडर्स एसोसिएशन के चुनाव में वरिष्ठ उपाध्यक्ष का पद जीता था। वह इस चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार हैं। अमित कुमार निगम का आरोप है कि 5 मई की सुबह उनके मोबाइल फोन पर एक अनजान नंबर से फोन आया कि वह चुनाव न लड़ें। विरोध करने वाले शख्स ने खुद को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रतिनिधि बताया और चुनाव में हिस्सा लेने को कहा गया था। इस धमकी के बाद वकील अमित कुमार निगम नाराज हो गए। चुनाव के दौरान उन्हें सुरक्षा के लिए खतरा महसूस हुआ, जिसके बाद उन्होंने सिविल लाइंस में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। लोटस अपार्टमेंट ताशकंद मार्ग सिविल लाइंस निवासी अमित कुमार निगम जिला न्यायालय में वकील हैं। उन्होंने 2018 में डिफेंडर्स एसोसिएशन के चुनाव में वरिष्ठ उपाध्यक्ष का पद जीता था। वह इस चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार हैं। अमित कुमार निगम का आरोप है कि 5 मई की सुबह उनके मोबाइल फोन पर एक अनजान नंबर से फोन आया कि वह चुनाव न लड़ें विरोध करने वाले शख्स ने खुद को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रतिनिधि बताया और चुनाव में हिस्सा लेने को कहागया था।

इस धमकी के बाद वकील अमित कुमार निगम नाराज हो गए। चुनाव के दौरान उन्हें सुरक्षा के लिए खतरा महसूस हुआ, जिसके बाद उन्होंने सिविल लाइंस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने पर प्रारंभिक जांच क्रिमिन एसपी ने की। इसमें प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए, इसलिए बैकुंठ नाथ पांडेय के थाना प्रबंधक को निलंबित कर दिया गया। एसएसपी का कहना है कि खीरी मध्य प्रदेश बॉर्डर थाना है।

जिला मुख्यालय से दूरी होने के कारण थाना प्रभारी मनमाना रवैया अपना रहे थे। गंभीर मामलों को निपटाने में वह लापरवाही बरतता था। अवैध धन शोधन से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। इन सभी बिंदुओं पर जांच में दोषी पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। साथ ही विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है