ये हैं शास्त्रों के अनुसार बताए गए भोजन करने के नियम

जनादेश/डेस्क: जमीन पर बैठकर भोजन करना: शास्त्रों के अनुसार जमीन पर बैठकर भोजन करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे एक तो आपका स्वास्थय ठीक रहेगा साथ ही जमीन पर बैठकर भोजन करने से अन्न का आदर समझा जाता है, जिससे आपके घर में अन्न की कभी कमी नहीं होती।

जमीन पर गिरा अन्न: कई बार भोजन करते-करते खाने का कुछ अंश जमीन पर गिर जाता है। जमीन पर गिरा भोजन पैरों के नीचे आना धार्मिक दृष्टि से गलत माना जाता है। जमीन पर गिरा भोजन कभी भी झाड़ू के साथ बाहर नहीं निकालना चाहिए। उसे उठाकर एक साइड पर चीटियों या फिर पक्षियों को डाल देना चाहिए।

झूठा खाना: कई बार लोग भूख से ज्यादा खाना प्लेट में डाल लेते हैं, जिस वजह से खाना प्लेट में बच जाता है। थाली में बचा झूठा भोजन देवी लक्ष्मी का अपमान माना जाता है। हमेशा जरुरत के अनुसार ही प्लेट में खाना लें। अगर बच्चे प्लेट में खाना छोड़ दें तो खाने को डस्टबिन में फेंकने की बजाय किसी जानवर को डाल दें।

भूखे व्यक्ति को खिलाएं खाना: अगर आप रोजाना किसी जरुरतमंद या भूखे व्यक्ति को खाना खिलाते हैं तो इसका असर आपके पूरे परिवार पर पड़ता है। भूखे व्यक्ति को खाना खिलाने का मतलब भगवान की सेवा है। जिस घर में रोजाना किसी भूखे का पेट या फिर प्यासे को पानी पिलाया जाता है उस घर से कभी भी बरकत खत्म नहीं हो सकती।