माइनरों की सफाई नहीं होने से किसानो में दिखी नाराज़गी

जनादेश/ऋषिकेश: पथरी क्षेत्र के दर्जनों गांवों के किसानों की फसलों की सिंचाई के लिए जा रहे गंगनहर के माइनरों (सिंचाई के लिए बनाए गए नाले) की सफाई नहीं होने के चलते किसानों में रोष है।किसानों का आरोप है कि दीपावली पर हर बार विभाग की ओर से माइनरों की सफाई की जाती थी। ताकि फसलों की सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिल सके, लेकिन इस बार विभाग सफाई करना भूल गया है।

गांव धनपुरा, कटारपुर, चांदपुर, बिशनपुर, कुण्डी, रानीमाजरा, घिससुपुरा, फेरुपुर, अजीतपुर, बहादरपुर जट समेत दर्जनों गांवों के किसानों को गंगनहर द्वारा खेतों में फसलों की सिंचाई के लिए पानी दिया जाता है। जिसके लिए हरिद्वार से माइनरों के द्वारा पानी गांवों में खेतों तक पहुंचता है।
गंगनहर द्वारा हर साल दीपावली पर माइनरों में आई सिल्ट, घास व मिट्टी की सफाई कर दुरुस्त किया जाता है, ताकि किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पानी की किल्लत नहीं उठानी पड़े।
किसान नूतन कुमार, रमेश कुमार, दीपक कुमार, आदित्य चौहान, अकरम, अब्बास अली, सुखदेव, सुभाष, रामु का कहना है कि इस बार विभाग द्वारा नालों की सफाई का कार्य शुरू नहीं किया गया है। जबकि नालों में घास और मिट्टी जमी हुई है।इतना ही नहीं कई स्थानों पर तो माइनरों की दोनों तरफ के दीवार भी गिर चुकी है। किसानों में रोष है कि विभाग ने माइनरों की सफाई नहीं की है जिसके चलते एक साल उन्हें फसलों की सिंचाई के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के जेई एके मिश्रा का कहना है की गंगनहर से गांव की और फसलों की सिंचाई के लिए जाने वाले सभी नालों की मरम्मत कराई जाएगी।किसानों तक भरपूर पानी पहुंचेगा।