हिरोशिमा पर हुआ था न्यूक्लियर अटैक, आज भी है तबाही के निशान

जनादेश/नई दिल्ली: 6 अप्रैल 1945, ये वही दिन है जब जापान ने दो सूरज देखे थे एक रोज की तरह निकलने वाला और दूसरा तबाही का, इस दिन हिरोशिमा पर न्यूक्लियर अटैक हुआ था। इस अटैक से शहर के लगभग 90 प्रतिशत यानी 80 हजार लोगों की मौत हो गई। दूसरी वर्ल्ड वॉर चल रही थी, और दुनिया में ये पहली बार था जब परमाणु बम का इस्तेमाल किसी शहर पर किया गया था। आज परमाणु हमले की 77वीं एनिवर्सरी है।

अमेरिका ने लिटिल बॉय नाम का बम जापान के शहर हिरोशिमा पर गिराया था, इस बम के गिरने के बाद शहर के साथ आसपास के इलाकों में भी काली बारिश होने लगी। इस बारिश ने भी हजारों लोगों की जान ले ली, तो वहीं कई लोगों को अजीब सी बीमारियों ने घेर लिया। इसके निशान आज भी जापान में मौजूद हैं। 77 सालों बाद भी इस बम के रेडिएशन से अब भी कई लोग अजीब तरह की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।

1945 में, संयुक्त राष्ट्र ने हिरोशिमा शहर में एक परमाणु बम तैनात किया। इसने शहर के 39 प्रतिशत नागरिकों का सफाया कर दिया। अमेरिका ने क्रमशः 6 और 9 अगस्त को हिरोशिमा शहर में गिराए गए ‘द लिटिल बॉय’ और नागासाकी शहर में ‘द फैट मैन’ नाम के दो परमाणु बम बनाए। यह दिन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि यह कई देशों में युद्ध-विरोधी और परमाणु-विरोधी प्रदर्शनों पर केंद्रित है। इस दिन, लोग हिरोशिमा शांति स्मारक संग्रहालय का दौरा करते हैं जो द्वितीय विश्व युद्ध में हिरोशिमा पर परमाणु बमबारी का संग्रह करता है।