GST को लेकर केंद्र और बघेल सरकार के बीच फिर है खींचतान

जनादेश/रायपुर: जीएसटी को लेकर केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच खींचतान तेज होती दिख रही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिल्ली और 16 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर जीएसटी मुआवजा 10 साल तक रखने की मांग का समर्थन करने का आग्रह किया है। सीएम बघेल ने कहा कि जब जीएसटी लागू किया गया था, तब केंद्र सरकार ने उत्पादक राज्यों को 5 साल के लिए जीएसटी मुआवजा प्रदान किया था।

छत्तीसगढ़ में हर साल करीब 5 अरब रुपये जीएसटी मुआवजा मिलता था। लेकिन जून में इसे बंद कर दिया जाएगा। बंद होने से उत्पादक राज्यों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा, इसलिए मैंने सभी उत्पादक राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है और केंद्र सरकार को इसके बारे में कुछ व्यवस्था करनी चाहिए।
इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया और कहा “केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि जून 2022 के बाद राज्यों को जीएसटी मुआवजा रोक दिया जाएगा। मैंने 17 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि एक केंद्र सरकार से दस साल के लिए मुआवजे के साथ जारी रखने के लिए आम अनुरोध किया जा सकता है।

क्या है जीएसटी क्षतिपूर्ति का विवाद

गौरतलब है कि 1 जुलाई 2017 से केंद्र सरकार ने देशभर में जीएसटी लागू किया था। जीएसटी में केंद्र और राज्य के अप्रत्यक्ष करों का एक ही कर में विलय कर दिया गया। जीएसटी में किसी उत्पाद के उभोग पर कर लगाया जाता है न कि विनिर्माण पर। स्थिति में विनिर्माता राज्यों के राजस्व को नुकसान ना हो। इसके लिए जीएसटी क्षतिपूर्ति व्यवस्था लागू की गई।