सरकारी शराब की दुकानों से राज्य में स्थिति भयावह, सरकार आदेश वापस ले :युवा उक्रांद

देहरादूनः उत्तराखण्ड क्रांति दल युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट के निर्देश पर समस्त जिलों में युवा उक्रांद की जिला एवं ब्लॉक कार्यकारिणी द्वारा जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को शराब के ठेकों पर हो रही अनियन्त्रित लम्बी कतारों के विषय में ज्ञापन दिया गया, उक्रांद द्वारा समस्त जिलों में शराब के ठेकों पर दिखती अनियन्त्रित भीड़ तथा इसके दुष्प्रभाव के विषय में चर्चा की गई,
बिष्ट ने बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना के द्वारा हमारे राज्य में अभी तक 60 केस आ चुके है, जिससे एक मौत का मामला भी सामने आ चुका है, इतनी सावधानी से लॉक डाउन का पालन करने के पश्चात भी राज्य में भी मामले लगातार बढ़ ही रहे हैं, लॉक डाउन 1 व लॉक डाउन 2 में सभी राज्य वासियों ने अनुशासित होकर इस महामारी से लड़ने में पुलिस प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन किया, लेकिन लॉक डाउन 3 मे जिस प्रकार से राज्य सरकार द्वारा शराब के ठेकों को खोलने का शासनादेश जारी किया गया।

उसका असर हम सभी ने कल देखा कि किस प्रकार से शराब के ठेकों के बाहर सभी जगह 3-4 किलोमीटर तक लम्बी कतारें लगी हुई थी, जिसमें अधिकांश वे लोग थे जो बिना मास्क लगाए थे, जबकि केंद्र सरकार ने मास्क ना लगाने पर जुर्माना भी लगाया है, इसके बावजूद नियमों की खुले आम धज्जियाँ उड़ायी जा रही है, सोशल डिस्टेंस ना बनाए रखना तथा कई स्थानों पर इस दौरान अफरातफरी की स्थिति भी पैदा हुई, जिसमें बागेश्वर जिले का वीडियो सार्वजनिक भी हुआ थाl
पुलिस प्रशासन को अतिरिक्त रूप से शराब के ठेकों मे ड्यूटी लगायी गयी, जिससे कई मुख्य स्थानों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ा, कई जिलों में शराब के ठेके ऐसी जगह है जहां निकट पर आवासीय कॉलोनी है, इतनी लंबी कतारें शराब के लिए देख कर लोगों में भी डर का माहौल है कि ना जाने कौन संक्रमित हो, जैसा कि ज्ञात है कि संक्रमण का प्रभाव गुणात्मक रूप से बढ़ता हैं l

युवा उक्रांद ने सरकार को चेताया कि अगर सरकार राजस्व का रोना रोते हुए इस प्रकार से इस भयावह स्थिति में शराब के ठेकों को खुलवाकर राज्य में इस प्रकार की भयावह स्थिति पैदा करती है ।तो इसकी जिम्मेदार स्वयं राज्य सरकार की होगी, क्योंकि इस प्रकार से हम किसी तरह इस महामारी से नहीं लड़ सकते, क्योंकि केंद्र सरकार, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि सावधानी ही इसका बचाव है, इसकी सजा राज्य की समस्त जनता को क्यों मिले, तथा स्थिति गभीर होती है तो उसके परिणाम पर भी विचार करना होगा, क्योंकि हमारे पास पर्याप्त सुविधाएं नहीं है ।

जो इस महामारी से निपटने के लिए होनी चाहिए, दूसरी ओर शराब के ठेकों से कई लोगों के संपर्क में आकर परिवार के बीच जाना पूरे परिवार को संक्रमण कर सकता है, क्योंकि इसके केस निरंतर रूप से पाए जा रहे है l महिलाओं में भी शराब के ठेकों के खुले होने को लेकर बाहरी रोष है, क्योंकि इस बीच लोगों की अर्थिक स्थिति पर भी सीधा प्रभाव पड़ा है।

युवा उक्रांद मांग करता है कि इस प्रकार के आत्मघाती निर्णय को तत्काल वापस लेते हुए प्रदेश के समस्त शराब के ठेकों को अति शीघ्र बंद करने का आदेश दिया जाए, जब तक हमारा देश पूर्ण रूप से इस महामारी से मुक्त ना हो जाए,क्योंकि इससे आम जनता भी सीधे रूप से प्रभावित हो रही है व सभी में भय की स्थिति बनी हुई है l,
दूसरी ओर बिष्ट ने बताया कि एक तरफ पहाड़ के युवाओं को अन्य राज्यों से लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया, राज्य के युवा बाहर बहुत ही परेशान है, दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश का एक विधायक आसानी से उत्तराखंड में अपर निजी सचिव ओम प्रकाश के इशारे पर लॉक डाउन के दौरान अपने और साथियो के साथ तीन गाड़ियों के काफिले के साथ 11 और लोगों को साथ लेकर फर्जी काग़जों से बद्रीनाथ, केदारनाथ की यात्रा पर आया।

जिसमें कि पूरे कागज ओम प्रकाश द्वारा बनाए गए, उन्होंने इस पूरे घटना क्रम की जांच की मांग की और अपर निजी सचिव के खिलाफ कानून के उल्लंघन करने पर करवायी करने की मांग की क्योंकि इससे पहले भी अपर निजी सचिव द्वारा ब्यासी के पास सिंहताली मे एक बाहरी भू माफिया के इशारे पर बन रहे सरकारी कार्य को निरस्त किया गया, जो कि सम्पूर्ण प्रदेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।

युवा उक्रांद ने मांग की कि अगर इस पर अति शीघ्र संज्ञान नहीं लिया गया तो युवा उक्रांद आंदोलन उग्र आंदोलन करेगा, इस अवसर पर युवा उक्रांद के जिला अध्यक्ष सीमा रावत, जिला महामंत्री विनीत सकलानी, जिला सचिव अजीत पंवार, विवेक तेगवाल, सागर नोटियाल, आदि मौजूद थे