परिजनों ने रोका अंतिम संस्कार, बोले- दोबारा कराएं पोस्टमार्टम

जनादेश/डेस्क: एम्स ऋषिकेश में पोस्टमार्टम के बाद पौड़ी की बेटी अंकिता का शव मेडिकल कॉलेज श्रीनगर पहुंचाया गया था। आज अंकिता का अंतिम संस्कार अलकनंदा नदी के तट पर पैतृक घाट पर होना था। लेकिन परिजनों ने आज अंतिम संस्कार रोक दिया है। परिजनों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्राइमरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फेरबदल हो सकती है। अंकिता के भाई का कहना है कि दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए और जब फाइनल रिपोर्ट आएगी उसके बाद ही अंकिता का अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं, अंकिता के पिता का कहना है कि प्रशासन ने जल्दबाजी में रिजॉर्ट में अंकिता का कमरा तोड़ दिया। उसमें सबूत हो सकते थे। अब जब पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट आएगी तब ही अंकिता की अंत्येष्टि की जाएगी। वहीं, प्रशासन की टीम अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को मनानाने में जुटी है। 

बता दे कि विकास खंड पौड़ी के ग्राम पंचायत श्रीकोट के राजस्व गांव धूरों की बेटी अंकिता की हत्या के बाद लोगों में आक्रोश बना हुआ है। ऐसे में अंतिम संस्कार के दौरान किसी प्रकार की चूक न हो इसके लिए पुलिस व प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। एसडीएम श्रीनगर अजयवीर सिंह ने बताया कि स्थानीय प्रशासन ने अंत्येष्टि की पूरी तैयारी की थी। लेकिन सूर्यास्त के बाद शव के पहुंचने की वजह से परिजनों ने रविवार को ही अंत्येष्टि करने की बात कही। शव को मेडिकल कॉलेज के शवगृह में रखवा दिया गया। उधर, अपर पुलिस अधीक्षक पौड़ी शेखर चंद्र सुयाल ने अंकिता हत्याकांड से जुड़े साक्ष्यों को मिटाए जाने को लेकर सोशल मीडिया में चल रही खबरों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि केस से जुड़े सारे साक्ष्यों को पुलिस ने सुरक्षित रखा है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर रिजॉर्ट में साक्ष्यों को मिटाए जाने की भ्रामक खबरें चल रही हैं। राजस्व पुलिस से 22 सितंबर को मामला हस्तांतरित होते ही टीम ने रिजॉर्ट की वीडियोग्राफी कराई थी। 23 सितंबर की सुबह फॉरेंसिक टीम ने अंकिता के कमरे और पूरे रिजॉर्ट से इलेक्ट्रॉनिक व वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर सुरक्षित कर लिए थे। घटना के संबंध में पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य हैं। जिससे अपराधियों को सजा मिल जाएगी। एएसपी ने कहा कि अब मामले की जांच एसआईटी कर रही है।