जमालपुर रेल कारखाना शिफ्टिंग को लेकर कांग्रेस का तंज-सीएम ने किया बिहार को बर्बाद

लखनऊ में शिफ्ट होगा रेल कारखाना, ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी जाएगी देहरादून

मो. राज/ भागलपुर: बिहार में जहां कोरोना और लॉकडाउन के बीच जंग जारी है। अधिकारियों द्वारा लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाने और प्रवासियों को न लाने के लिए मचा घमासान अभी थमा ही था कि राज्य में एक भारतीय रेल के एक फैसले के बाद यह नया सियासी बवाल शुरू हुआ है. दरअसल, जमालपुर रेल कारखाना को शिफ्ट कर के लखनऊ में और ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी जो गया में है उसको शिफ्ट करके देहरादून भेजा जा रहा है। जिसे लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

कांग्रेस राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह ने इस पर विरोध करते हुए कहा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि नीतीश ने बिहार को पूरे तरीके से बर्बाद ही कर दिया है। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को भारतीय जनता पार्टी के शौचालय व्यवहार को समझते हुए अलग हो जाना चाहिए नहीं तो इनको चुनाव में भुगतना पड़ेगा। जो पुरखों की संपत्ति थी वह भी बाहर भेज दे रहे हैं। कांग्रेस नेता ने तो इतना तक कह दिया कि खुद तो कुछ कर नहीं पाए, ऐसे में कम से कम जो बचे-खुचे रोजगार का स्त्रोत था उसे बाहर नहीं भेजना चाहिए था।

वहीं पर जेडीयू के महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री को चिट्ठी लिखी है और यह रिक्वेस्ट किया है कि इस फैसले को वापस लिया जाए। राज्य के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने रेल मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय को कई ट्वीट किए और साफ कर दिया कि ‘जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बिहार का एक गौरव माने जाने वाले इस संस्थान को बिहार में ही रहने देने का आग्रह कर चुके हैं, तो फिर शिफ्टिंग की बात कहां से आती है? हम इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। 93 साल पुराना यह संस्थान बिहार और रेलवे के गौरवपूर्ण इतिहास का अभिन्न हिस्सा है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1 मई को पत्र लिखकर इसे जमालपुर में ही रहने देने का आग्रह किया है।’ संजय ने कहा-’शिफ्टिंग, प्रतिगामी कदम है। रेल मंत्री तत्काल हस्तक्षेप करें। 2015 में तो मुख्यमंत्री ने इसे यूनिवर्सिटी में अपग्रेड करने के लिए केंद्र से आग्रह किया था। किंतु ऐसा नहीं हुआ। रेल मंत्री शिफ्टिंग के आदेश को रोकें।’