परिवहन व्यवसायियों की समस्याओं को लेकर विस अध्यक्ष ने की मुख्यमंत्री से वार्ता

ऋषिकेश। कोविड-19 महामारी के बाद गतिमान लॉकडाउन के कारण प्रदेश में परिवहन व्यवसाय से जुड़े हजारों लोगों के समक्ष आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है।इस संबंध में आज उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से वार्ता की साथ ही यातायात व्यवसाय से जुड़े लोगों की मांगों पर विचार कर उचित कार्रवाई करने की मांग की। इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष ने लॉकडाउन से उत्तराखंड में पर्यटन एवं तीर्थाटन पर पड़े असर संबंधित विषयों पर भी वार्ता की।

अवगत करा दें बुधवार को ऋषिकेश के यातायात व्यवसाय से जुड़े संयुक्त यातायात रोटेशन, विक्रम मालिक महासंघ, जीप यूनियन, टैक्सी यूनियन, ट्रक एसोसिएशन, टेंपो यूनियन एवं ऑटो यूनियन के पदाधिकारियों ने विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर उन्हें लॉकडाउन के कारण उत्पन्न हुई समस्या को लेकर सरकार से गुहार लगाते हुए मांग पत्र सौंपा था।

इस संबंध में आज विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से वार्ता करते हुए कहा कि परिवहन व्यवसाय से प्रदेश के हजारों लोग प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से अपने परिवार की आजीविका चलाते हैं,लॉकडाउन होने से उत्तराखंड में पर्यटन व्यवसाय पर इसका असर पड़ा है।यात्रियों एवं श्रद्धालुओं के आवागमन से होने वाली आमदनी से परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोग अपना जीवन यापन करते है परंतु आज महामारी के दौर में इन सबके सामने अपने परिवार का भरण-पोषण करने का आर्थिक संकट पैदा हो गया है।

विधानसभा अध्यक्ष ने ऋषिकेश के परिवहन व्यवसाय से जुड़े सभी ऐसे एसोसिएशन की मांगों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि कोविड-19 महामारी के इस दौर में वाहन पर मासिक कर, रोड टैक्स, यात्री कर एवं अन्य करों में अधिकतम छूट, वाहन स्वामियों के वाहन के बीमा की समय अवधि बढ़ाना, प्रदेश सरकार द्वारा परिवहन संबंधी सभी प्रकार के करों की तथा नवीनीकरण की सीमा को और बढ़ाने के साथ ही वाहन स्वामियों, चालकों एवं परिचालकों के भरण पोषण हेतु सहायता राशि दी जाय।

अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से परिवहन व्यवसाय से जुड़े सभी लोगों की समस्याओं पर विचार कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने भी आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार इन सभी समस्याओं पर विचार कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही यातायात व्यवसाय से जुड़े सभी लोगों की समस्याओं पर विचार मंथन कर कारगर कदम उठाए जाएंगे।