सिद्धांत जैन ने 700 रूपये में तैयार की नोटो को सेनेटाइज करने की मशीन

 लॉकडाउन के बीच भोपाल के नौजवान ने की खोज,नही मिल रहा सरकार का सहयोग

नोट के साथ ही सिक्को को भी करेगी सेनेटाइज, कोरोना जंग से लड़ने में सक्षम होगी मशीन

रूहिना इदरीसी/ भोपाल: लॅाक डाउन के बीच जहा हर एक कोरोना वारियर्स देश को बचाने में आगे आ रहा है औऱ जल्द से जल्द इस महामारी से निपटने के लिए प्रयासरत है …वही इसी बीच एक महान शख्श ने एक अनोखा अविष्कार करके एक बड़ी सी मुश्किल को मिनटो सेकेंडो में आसान कर दिया है.…चलिए बताते है क्या है पूरी कहानी।

जी हां जनादेश न्यूज से बातचीत में भोपाल के एक नौजवान युवक सिद्धांत जैन ने बताया कि उन्होने संक्रमित हो रहे नोटो को सेनेटाइज करने व कोरोना महामारी से निपटने के लिए एक अद्भुत मशीन बनाई है…जिसकी कीमत मात्र 700 रूपये है…यह मशीन 1 प्रति यूनिट से भी कम बिजली की खपत पर चलती है…

उन्होने बताया कि नोटो के जरिए कोरोना का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक आसानी से पहुच सकता है…और यह वायरस काफी देर तक टिका रहता है…यही कारण है कि संक्रमित हाथो से लेकर दूसरे और फिर तीसरे हाथो में जाने वाले नोट संक्रमण के फैलाव का कारण बन सकते है…सिद्धान्त जैन बताते है कि वह भोपाल के कोलार स्थित आईबीडी हाल मार्क सिटी मकान नम्बर 301 मे रहते है… जिन्होने गली मोहल्लो में हाथो के जरिए हो रहे पैसो के लेने देन को लेकर चिंता जाहिर की और इस समस्या से निदान के लिए नोटो को सैनिटाइज करने की मशीन बनाई।

यह मशीन दो चरणों में काम करती है..इस मशीन से सिक्के भी आसानी से सेनेटाईज हो जाते है। सिद्धान्त जैन ने बताया कि उन्होने इस मशीन को बनाने के लिए घरेलू उपकरणों व कबाड़ का इस्तेमाल किया है और यह मशीन पूर्णतय उन्होने खुद से बनाई है। ताकि जितना हो सके लोग नोटो के संक्रमण से बच सके और नोटो को इस मशीन से सेनेटाइज कर निडर होकर लेनदेन कर सके।

उन्होने बताया कि उनके इस कार्य को लेकर सरकार की ओर से कोई भी सहयोग नही मिल रहा है। टवीटर के माध्यम से भी सरकार से सम्पर्क साधा इसके बाद भी उन्हे कोई खास रिस्पोंस नही मिल पाया। जिसको लेकर वह काफी चितिंत है..उनका कहना है कि इस मशीन और कमर्शिलाइज करने के लिए उन्हे सरकार के सहयोग की जरूरत है ताकि इस मशीन को मार्केट में और कमर्शिलाइज ढंग से उतारा जा सके….वही सिद्धान्त जैन से बातचीत के बाद जब कई बार जनादेश द्वारा भोपाल के जिला कलेक्टर तरूण पिथोर से सम्पर्क साधने की कोशिश की गयी तो उनका यह नम्बर भी नही लग पाया।