शुक्र प्रदोष आज, इस विधि से पूजा करने से मां लक्ष्‍मी होंगी प्रसन्‍न

जनादेश/डेस्क: हिन्दूधर्म के अनुसार प्रतिमाह 2 बार प्रदोष व्रत पड़ता है। प्रदोष व्रत कृष्‍ण पक्ष और शुक्‍ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है, जो कि भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से मनचाहा फल प्राप्‍त होता है। जब प्रदोष व्रत सोमवार के दिन पड़ता है तो सोम प्रदोष कहते हैं और शुक्रवार के दिन पड़ता है तो उसे शुक्र प्रदोष कहते हैं। आज 23 सितंबर को शुक्र प्रदोष है। चूंकि शुक्रवार का दिन मां लक्ष्‍मी को समर्पित है, इसलिए शुक्र प्रदोष को शिव-पार्वती के साथ-साथ मां लक्ष्‍मी की कृपा पाने के लिए भी खास माना जाता है।

शुक्र प्रदोष व्रत पूजा शुभ मुहूर्त

अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 23 सितंबर, शुक्रवार की मध्‍य राशि 01 बजकर 17 मिनट से शुरू हो चुकी है और 23 सितंबर की तड़के सुबह 02 बजकर 30 मिनट पर समाप्‍त होगी। इस तरह शुक्र प्रदोष व्रत पूजा आज 23 सितंबर को की जाएगी। पूजा के लिए अब दिन में 3 शुभ मुहूर्त हैं। अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 07 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक, अमृत काल- दोपहर 1 बजकर 16 मिनट से  दोपहर 2 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। वहीं गोधूलि बेला में पूजा करने का मुहूर्त शाम 6 बजकर 22 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।