शोम्बी शार्प ने सीएम गहलोत से की मुलाकात

जनादेश/जयपुर: संयुक्त राष्ट्र के रेजीडेंट कॉर्डिनेटर शोम्बी शार्प ने मुख्यमंत्री निवास पर सीएम अशोक गहलोत से मुलाकात की। इस दौरान शार्प ने राज्य में सतत विकास के लक्ष्यों (एसडीजी) को हासिल करने में हो रही प्रगति और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, पारदर्शिता, जवाबदेही, पोषण स्तर में सुधार और बजट के कल्याणकारी प्रावधानों पर राज्य सरकार की सराहना की।
शोम्बी शार्प से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, पारदर्शिता, पेयजल, स्वच्छता, रोजगार सहित अन्य क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दे रही है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में निःशुल्क दवा और जांच योजना हमने पहले ही लागू कर दी थी। अब हर वर्ग को इलाज के खर्च से चिंता मुक्त करने की दिशा में सरकार ने चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की है। इस बार बजट में सरकारी अस्पतालों में ओपीडी और आईपीडी में इलाज को पूरी तरह से निःशुल्क कर दिया गया है। राज्य में करीब 95 प्रतिशत संस्थागत प्रसव हो रहे हैं। संस्थागत प्रसव होने से राज्य में मातृ और शिशु मृत्युदर को काफी कम करने में सहायता मिली है।
90 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन से लाभान्वित
उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंदों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना सरकार का प्रमुख लक्ष्य रहा है। राज्य में करीब 90 लाख लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है, जो देश के किसी भी राज्य से अधिक है। हमारा प्रयास है कि एक भी पात्र व्यक्ति सामाजिक सुरक्षा से वंचित नहीं रहे। राज्य सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन में डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, विश्व खाद्य कार्यक्रम आदि संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों और संगठनों से मिल रहे निरंतर सहयोग पर आभार व्यक्त किया।
चर्चा के दौरान संयुक्त राष्ट्र के रेजीडेंट कॉर्डिनेटर शार्प ने कहा कि अपने राजस्थान भ्रमण के दौरान उन्हें जाहोता और तिलोनिया पंचायत जाने का अवसर मिला। वहां मैंने पाया कि राज्य में गुड गवर्नेंस की दिशा में अच्छा काम हो रहा है और पारदर्शिता के साथ योजनाओं और नीतियों का बेहतर क्रियान्वयन हो रहा है। उन्होंने सूचना के अधिकार को प्रभावी बनाने की दिशा में शुरू किए गए जन सूचना पोर्टल को सराहनीय पहल बताया।
मनरेगा में रोजगार 125 दिन करने पर की तारीफ
शॉर्प ने कहा कि उन्होंने राज्य बजट 2022-23 के प्रावधानों की जानकारी ली है। इसमें राज्य सरकार ने 1550 करोड़ के खर्च पर मनरेगा में रोजगार 100 दिन से बढ़ाकर 125 करने और शहरों में भी रोजगार के लिए ‘इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना’ लागू करना स्वागत योग्य है। साथ ही सभी जिलों में इंदिरा गांधी मातृत्व पोषण योजना शुरू करना भी अच्छा कदम है। उन्होंने कहा कि राजस्थान ऐसा राज्य है, जहां कुल जनसंख्या के बड़े हिस्से को सरकार सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर रही है।  शॉर्प ने महिलाओं और शिशुओं के पोषण स्तर में सुधार, शिक्षा को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी सराहा।
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