दिल्ली दंगा मामले में JNU के पूर्व छात्र को झटका

जनादेश/नई दिल्ली: दिल्ली दंगा मामले में आरोपी जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद को अदालत ने झटका देते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। मालूम हो कि अदालत ने एक बार फिर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र उमर खालिद की दिल्ली दंगो में जमानत पर फैसले को बुधवार(23 मार्च) को 24 मार्च तक के लिए टाल दिया था।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने 3 मार्च को आदेश सुरक्षित रखा था और बुधवार को सुनाया जाना था। न्यायाधीश रावत ने कहा कि फैसला तैयार नहीं हो पाया और अब फैसला गुरुवार को दोपहर को सुनाया जाएगा। छह महीने से अधिक समय तक जमानत की सुनवाई में बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष ने अपने तर्क रखे। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि दिल्ली के दंगे एक पूर्व नियोजित, गहरी साजिश का हिस्सा थे जो आरोपियों द्वारा रची गई थी। खालिद की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील त्रिदीप पेस ने दलील दी थी कि कई लोगों ने नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध किया और विरोध प्रकृति में धर्मनिरपेक्ष था लेकिन आरोपपत्र सांप्रदायिक था।