शहीद संतोष कुमार मिश्रा के चार साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, हर आंख हुई नम

पंचतत्व में विलीन हुए शहीद संतोष, भारत माता की जय के लगे नारे, गार्ड ऑफर ऑनर से किया गया सम्मानित

पटनाः जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए जवान संतोष कुमार मिश्र पंचतत्व में विलीन हो गए। बुधवार को औरंगाबाद स्थित पैतृक गांव देवहरा में जवान का अंतिम संस्कार किया गया। शहीद जवान को उनके चार साल के बेटे ने मुखाग्नि दी। इस मंजर को देख हर आंख नम नजर आई। आकाश भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा।

बता दें कि इससे पहले औरंगाबाद के सपूत सीआरपीएफ कांस्टेबल शहीद संतोष कुमार मिश्र का पार्थिव शरीर को गया एयपोर्ट लाया गया। यहां सीआरपीएफ के आईजी, डीआईजी, सहित मगध आयुक्त और गया के डीएम सहित कई वरीय अधिकारियों व जवानों ने शहीद को गार्ड ऑफर ऑनर दिया। शहीद संतोष कुमार मिश्रा का पार्थिव शरीर विशेष वाहन से औरंगाबाद जिले के गोह थाना अंतर्गत दाउदनगर के देव्हारा उनके पैतृक गांव ले जाया जाएगा। जहां राजकीय समारोह के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

गोह प्रखंड के छोटे से कस्बे देवहरा बाजार निवासी स्वर्गीय जगमोहन मिश्र के सुपुत्र संतोष मिश्र ने नार्थ कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा के एक नाके पर आतंकियों के साथ हुए मुठभेड़ में जाबांजी के साथ मुकाबला करते हुए शहीद हो गए थे। सीआरपीएफ जवान संतोष 92 बटालियन में थे और 2004 में उन्होंने राष्ट्र भावना से अभिभूत होकर देश के लिये कुछ कर गुजरने का जज़्बा लिए उन्होंने इसे ज्वाईन किया था।

बता दें कि तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर के संतोष की शादी 2009 में आरा जिले के बजनिया गांव में हुई थी। पत्नी का नाम दुर्गा देवी है और एक छोटा बेटा आदर्श कुमार है, जो देवहरा में ही शहीद की मां और भाइयों के साथ रहते हैं। बड़े भाई का नाम विजय जबकि छोटे का नाम मंतोष मिश्र है।शहीद सीआरपीएफ कांस्टेबल के पैतृक आवास पर फिलहाल मातमी माहौल है।

वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शहीद संतोष के प्रति गहरा शोक जताते हुए कहा कि शहीद की शहादत को हमारा देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने कहा था कि गर्व है कि बिहार के एक सपूत ने आतंकियों से लोहा लेते हुए अपनी जान गंवा दी। उनकी शहादत को बिहार हमेशा याद रखेगा।