फिलीपींस के गांवों में लागू होगा ‘सीचेवाल मॉडल’

जनादेश/सुल्तानपुर लोधी (पंजाब): फिलीपींस के दौरे पर गए पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल के नेतृत्व में पंजाबियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मनीला में भारतीय राजदूत शंभू एस कुम्हारिन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने फिलीपींस के गांवों में सीचेवाल मॉडल लागू करने की बात कही। मुलाकात में वातावरण प्रेमी पद्मश्री संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने फिलीपींस में पंजाबियों को पासपोर्ट समेत अन्य समस्याओं को भारतीय राजदूत के सामने प्रमुखता से उठाया। आधे घंटे से अधिक समय चली इस मीटिंग के बारे में संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने बताया कि भारतीय राजदूत शंभू एस कुम्हारिन ने जानकारी दी है कि भारत सरकार फिलीपींस के समूचे विकास में सहयोग कर रही है। फिलीपींस के गांवों में भी दूषित पानी की निकासी समस्या भारतीय गांवों की तरह ही है। राजदूत ने गंदे पानी की निकासी में सहयोग करने को कहा।

संत सीचेवाल ने बताया कि वह वातावरण के संभालने के लिए दुनिया के किसी भी हिस्से में काम करने को तैयार हैं, क्योंकि यह वातावरण का मुद्दा किसी एक क्षेत्र या देश से नहीं जुड़ा है, बल्कि यह वैश्विक स्तर का है। भारतीय राजदूत ने संत सीचेवाल के कार्यों की प्रशंसा की। मुलाकात के दौरान सुलतानपुर लोधी में 2006 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के दौरे की चर्चा की गई और बताया गया कि कैसे संत सीचेवाल ने संगत के सहयोग से काली बेईं को निर्मल बनाया। डॉ. कलाम 2008 में दोबारा सुल्तानपुर लोधी यह देखने पहुंचे कि दूषित पानी को कैसे साफ कर खेती में इस्तेमाल किया जा रहा है।

मुलाकात के दौरान पंजाबियों को पासपोर्ट समेत आ रही अन्य समस्याओं का मुद्दा भी संत सीचेवाल ने उठाया। उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास की तरफ से भरोसा दिया गया कि भारत के किसी भी नागरिक को कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी। पंजाबियों के पासपोर्ट संबंधी समस्याओं को हल करने के लिए निर्मल इंडियन टैंपल पनकी में विशेष कैंप लगाया जाएगा। इस प्रतिनिधिमंडल में काउंसलर हरीश दाफोती, मनजिंदर जेम्स, जगमोहन सिंह तम्बर और मनजिंदर सिंह शामिल रहे।