विधानसभा भर्ती घोटाले में मंत्री को करें बर्खास्त

जनादेश/ऋषिकेश: विधानसभा बैकडोर भर्ती घोटाले में वित्त एवं विधायी मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को मंत्री पद से बर्खास्त करने, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के खिलाफ कार्रवाई और अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी का उजागर करने की मांग को लेकर युवा न्याय संघर्ष समिति ने कोयलघाटी में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरनास्थल पर पहुंचकर विभिन्न दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आंदोलन को समर्थन दिया।

पूर्व राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था बहुत बुरी तरह से खराब हो चुकी है। अंकिता के पिता को न्याय मांगने के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ी, लेकिन पांच दिनों तक सरकार मूकदर्शक बनी रही। अंकिता हत्याकांड में शामिल आरएसएस से जुड़े नेता के परिवार के लोगों को बचाने का काम प्रदेश सरकार कर रही है। वीआईपी के नाम को उजागर नहीं कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने जब विधानसभा में बैकडोर से हुई भतिर्यों को निरस्त कर दिया है। नियमविरुद्ध भर्ती करने वाले कैबिनेट मंत्री को मंत्रिमंडल में ही रखा गया है। इससे प्रदेश सरकार का दोहरा चरित्र सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को तत्काल प्रभाव से वित्त एवं विधायी मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को बर्खास्त कर देना चाहिए। धरने की संयोजक कुसुम जोशी ने कहा कि हम लगातार पहले दिन से ही अंकिता हत्याकांड में दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं लेकिन प्रदेश सरकार चुप्पी साधे बैठी है। कम्युनिस्ट पार्टी के नेता इंद्रेश मैखुरी और उत्तराखंड क्रांति दल के नेता मोहन सिंह असवाल ने कहा कि हमें अंकिता भंडारी के साथ ही युवाओं के न्याय की लड़ाई भी लड़नी है। युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। नेताओं के चहेते बैकडोर से भर्ती हो रहे हैं, जबकि पढ़े लिखे युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही विधानसभा भर्ती के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर प्रदेश की जनता को संदेश देना चाहिए। धरना देने वालों में जयेंद्र रमोला, संजय सिल्सवाल, दीपक जाटव, स्वराज सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी, ऊषा चौहान, वेद प्रकाश शर्मा, अरविंद हटवाल, सुरेंद्र नेगी आदि मौजूद थे।