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वाराणसी को रोपवे की सौगात, 10 मिनट में तय होगी बाबा विश्वनाथ की दूरी

जनादेश/वाराणसी: बनारस पहुंचकर जहां बाबा विश्वनाथ धाम पहुंचने में करीब एक घंटे का समय लगता था और जाम नहीं भी मिले तो गोदौलिया चौराहे तक पहुंचने में आधा घंटा लग ही जाता है। लेकिन भविष्य में आप कैंट रेलवे स्टेशन से महज दस मिनट मे गोदौलिया चौराहे पहुंच सकते हैं। जी हां, ये बात सच होने की राह पर आगे बढ़ गई है।

दरअसल 2024 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उनके संसदीय क्षेत्र काशी को रोपवे की बड़ी सौगात मिलने जा रही है। वैसे तो पहाड़ी इलाकों में रोपवे का अनुभव लिया जाता है लेकिन शहरी यातायात में रोपवे का पहला प्रयोग काशी में होने जा रहा है। हालांकि योजना को औपचारिक स्वीकृति भी मिल गई है और स्टैडिंग फाइनेंस कमेटी ने मोहर भी लगा दी है।

दस मिनट में 3.5 किमी.

कैंट स्टेशन से गिरिजाघर चौराहे तक करीब साढ़े तीन किमी का ये सफर अब दस मिनट में पूरा कर सकेंगे। बता दें कि  एक तरफ से एक समय में 4500 यात्रियों को सुविधा मिलेगी और 90 से 120 सेंकेंड में लोगों को ट्रॉली उपलब्ध होगी।

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काम की लिखित टाइमलाइन तो अभी तय नहीं हुई है लेकिन मौखिक तौर पर दिसंबर 2023 तक इसे पूरा करने की बात कही जा रही है।

पहला स्टेशन कैंट रेलवे परिसर

जानकारी के मुताबिक, रोपवे का पहला टर्मिनल स्टेशन कैंट रेलवे परिसर होगा। यहां यात्री आश्रय गृह के पास जमीन चिन्हित की गई है। इस योजना का खाका खींचने वाले वाराणसी विकास प्राधिकरण की वीसी ईशा दुहन ने बताया कि हमारी कोशिश होगी कि इस प्रोजेक्ट को गुणवत्ता और समय के साथ पूरा करें।

काशी का रोपवे होगा ऐसा 

  • लंबाई :  3.750 किमी
  • प्रस्तावित बजट : 461 करोड़ रुपये
  • स्टेशनों की संख्या : 5
  • टर्मिनलों की संख्या : 2
  • मंडोला (ट्राली) की क्षमता :10
  • रफ्तार : 20 किमी प्रति घंटा
  • संचालन : 16 घंटे
  • टावर : 30
  • कुल मंडोला : 228