ऋषिकेशः परिजनों से मिलने की उम्मीद में खिले चेहरे

ऋषिकेश कोरोना संक्रमण की दस्तक के बाद लॉकडाउन होने से फंसे करीब 2100 लोगों को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उनके घरों को रवाना कर दिया गया। यह लोग ऋषिकेश, देहरादून में फंस गये थे। इनके लिये करीब 65 बसें लगाई गईं। करीब 2100 लोग ऋषिकेश, देहरादून में ही रोजगार करते थे।

लॉकडाउन से यह लोग यहीं फंस गए। जिनके भोजन व अन्य व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जिम्मेदारी संभाली। सरकार के आदेश के बाद करीब 800 लोगों को भरत मंदिर इंटर कॉलेज से 15 बसों में एवं 1300 लोगों को पूर्णानंद इंटर कॉलेज परिसर से स्वास्थ्य परीक्षण के बाद 50 बसों में गढ़वाल क्षेत्र के लिये रवाना किया गया। लंबे समय से परिजनों से दूर रह रहे लोग घर जाने को काफी उत्साहित दिखे। एसडीएम ऋषिकेश प्रेमलाल ने बताया कि भरत मंदिर इंटर कॉलेज से 800 लोगों को घर भेजा गया है। स्वास्थ्य परीक्षण के साथ उनके भोजन की व्यवस्था भी की गई थी।

इस दौरान प्रवर्तन अधिकारी पंकज श्रीवास्तव, उपराजस्व निरीक्षक सतीश जोशी, कोतवाल रितेश शाह, खेल अधिकारी नरेन्द्रनगर कृष्णकुमार आदि मौजूद थे। उधर, एसडीएम नरेन्द्रनगर युक्ता मिश्रा ने बताया कि 1300 लोग जिनमे अधिकांश देहरादून में रोजगार करते थे। उन्हें स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उनके घरों को रवाना किया गया है।फोटो-8 आरएसके 5 पूर्णानंद मैदान में अपने घर जाने के लिये तैयार गढ़वाल के लोग।