उच्च शिक्षा में अनुसंधान और शिक्षण एक दूसरे के पूरक

जनादेश/ऋषिकेश: स्वामीराम हिमालयन विश्वविद्यालय में अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए दो दिवसीय रिसर्च कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इसमें प्रतिभागियों को अनुसंधान के महत्व के विषय में जानकारी दी गयी।

बुधवार को एसआरएचयू के न्यू ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में अनुसंधान और शिक्षण दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। शिक्षकों को दोनों में पारंगत होना चाहिए। उन्होंने शोध समागम के प्रतिभागियों से आह्वान किया कि ज्यादा से ज्यादा सीखें, नया जानें, नए लोगों से जुड़े। कहा कि अनुसंधान और विकास को हमेशा एक प्रमुख निर्माण घटक के रूप में देखा गया है, क्योंकि यह नवाचार और हमारे ज्ञान और समझ को बढ़ाने की प्रक्रिया में बहुत महत्वपूर्ण है। प्रति कुलपति डॉ. विजेन्द्र चौहान ने विश्वविद्यालय में किये जा रहे शोध की प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया। वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. सीएस नौटियाल ने शोध में गुणवत्ता के महत्व पर प्रतिभागियों को जानकारी दी। डायरेक्टर स्ट्रैटिजिक प्लानिंग रिसर्च एंड डेवलपमेंट डॉ. राजेन्द्र डोभाल ने प्रतिभागियों को अवगत कराया कि कॉन्क्लेव का उद्देश्य विभिन्न विभागों और शैक्षणिक इकाइयों के संकाय को एक साथ लाना है, जो उन्हें बाहरी अनुसंधान और नवाचार पर विशेष ध्यान देने के साथ विभिन्न विषयों में सक्षम बनायेगा। इंचार्ज रिसर्च एवं पीएचडी सेल डॉ. विनीता कालरा ने बताया कि इस दौरान 64 शोध प्रस्ताव और अवधारणा नोट्स विश्वविद्यालय के संकाय ने प्रस्तुत किए। इनका विशेषज्ञों के एक पैनल के साथ डॉ. राजेन्द्र डोभाल ने प्रस्तावों का मूल्यांकन किया। मौके पर डॉ. विनोद कुमार, रजिस्ट्रार डॉ. सुशीला शर्मा, डॉ. राकेश कुमार, सीओई डॉ. अर्चना प्रकाश, नर्सिंग एडवाइजर डॉ. कैथी, डायरेक्टर मेडिकल सर्विसेज डॉ. मुश्ताक अहमद, डॉ. एसएल जेठानी, डॉ. सुनील सैनी, डॉ. अशोक देवरारी, डॉ. संचिता पुगाजंडी, डॉ. आरसी रमोला, डॉ. विक्रम सहाय, डॉ. संजय गुप्ता, इंचार्ज रिसर्च एवं पीएचडी सेल डॉ. विनीता कालरा, योगेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे।