देश में कोरोना से राहत, 676 दिन में सबसे कम संख्या

जनादेश/नई दिल्ली:  भारत में गत 24 घंटे के दौरान कोविड-19 के 3,116 नए मामले सामने आए, जो पिछले 676 दिनों में संक्रमण के सबसे कम दैनिक मामले हैं। इसके साथ ही देश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4,29,90,991 हो गई है, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 38,069 रह गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार सुबह आठ बजे के अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, गत 24 घंटे के दौरान 47 और मरीजों की मौत होने से देश में कोविड-19 महामारी से जान गंवाने वालों की कुल संख्या 5,15,850 हो गई है। आंकड़ों के अनुसार, कुल संक्रमितों के मुकाबले उपचाराधीन मरीजों की संख्या 0.09 प्रतिशत है जबकि राष्ट्रीय स्तर पर कोविड-19 से ठीक होने की दर में भी और सुधार हुआ है तथा यह 98.71 प्रतिशत तक पहुंच गयी है। मंत्रालय ने बताया कि गत 24 घंटे के दौरान उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 2,490 की कमी आई है।आंकड़ों के अनुसार, दैनिक संक्रमण दर 0.41 प्रतिशत है, जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 0.50 प्रतिशत है।

मंत्रालय ने बताया कि अब तक 4,24,37,072 मरीज ठीक हो चुके हैं जबकि मृत्युदर 1.20 प्रतिशत है। इस बीच, देश में अब तक कोविड-19 टीके की 180.13 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि देश में सात अगस्त 2020 को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ के पार हो गए थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ के पार और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी।इस साल 26 जनवरी को मामले चार करोड़ के पार पहुंच गए थे।

मंत्रालय ने बताया कि रविवार को जिन 47 लोगों की मौत कोविड-19 की वजह से हुई, उनमें 31 लोगों की मौत केरल में हुई है। इस महामारी से अब तक कुल 5,15,850 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से महाराष्ट्र में 1,43,752, केरल में 66,793, कर्नाटक में 40,018, तमिलनाडु में 38,023, दिल्ली में 26,141, उत्तर प्रदेश में 23,491 और पश्चिम बंगाल में 21,186 लोगों की मौत हुई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक जिन लोगों की कोरोना वायरस के संक्रमण से मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से अधिक मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।