राजकोट अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अगस्त तक होगा शुरू

जनादेश/राजकोट: गुजरात के राजकोट में ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा या हीरासर हवाई अड्डा इस साल अगस्त तक चालू होने जा रहा है। राजकोट के जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि, इस परियोजना के पूरा होते ही प्रधानमंत्री के ‘हवाई चप्पल से हवाई जहाज’ का सपना साकार होता दिख रहा है। उन्होंने बताया कि राजकोट से 30 किलोमीटर की दूर स्थित यह हवाई अड्डा चार चरणों में 1,032 हेक्टेयर क्षेत्र में बनाया जा रहा है। इसमें 23,000 वर्ग मीटर के यात्री टर्मिनल के क्षेत्रफल के साथ कुल 14 पार्किंग स्टैंड होंगे।

अगस्त-सितंबर तक शुरू होगा संचालन 
राजकोट के जिला मजिस्ट्रेट अरुण महेश बाबू ने बताया कि, इस हवाईअड्डे का संचालन अगस्त या सितंबर तक चालू होने की संभावना है। यहां निर्माण कार्य बहुत तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, रनवे का लगभग 85 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। दरअसल, नवंबर, 2021 में 1.05 करोड़ लोगों ने हवाई जहाज से सफर किया था, सालाना आधार पर यह संख्या 64 प्रतिशत अधिक है। जबकि अक्टूबर में यह संख्या करीब 90 लाख और सितंबर में 70 लाख थी।

निजी हाथों में जाएंग 25 एयरपोर्ट 
सरकार की योजना के मुताबिक, आगामी तीन वर्षो में देश के 25 एयरपोर्ट निजी हाथों में चले जाएंगे। इन एयरपोर्ट्स का चयन वार्षिक ट्रैफ़िक और प्रस्तावित पूंजी खर्च योजना के आधार पर होगा। इन एयरपोर्ट्स में वाराणसी, भुवनेश्वर, इंदौर, रायपुर , देहरादून, चेन्नई, रांची, पटना आदि को शामिल किया गया है। योजना के मुताबिक, 2022-23 में कालीकट, नागपुर, मदुरई, कोयम्बटूर, सूरत, जोधपुर, पटना और रांची एयरपोर्ट को बेचा जाना है। इसके बाद 2023-24 में विजयवाड़ा, वडोदरा, तिरुपति, चेन्नई, भोपाल और हुबली एयरपोर्ट का निजीकारण होगा। वहीं इम्फाल, उदयपुर, अगरतला, देहरादून और राजामुन्द्री एयरपोर्ट सबसे अंतिम में निजी हाथों में जाएंगे।

क्या है सरकार की योजना 
दरअसल, केंद्र सरकार हवाई यात्रा को इतना सुगम बनाना चाहती है कि आम आदमी भी इससे सफर कर सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बार-बार कहते हैं कि ऐसी सुविधा होनी चाहिए कि, हवाई चप्पल पहनने वाला व्यक्ति भी हवाई सफर कर सके। केंद्र सरकार इसी मकसद से काम भी कर रही है।