मलेशिया में गूँजी रेडियो मयूर की आवाज़, रेडियो के धुरंधरों के बीच मिला सम्मान

जनादेश/छपरा: स्थानीय रेडियो स्टेशन रेडियो मयूर को मलेशिया के कुआला लम्पुर में, साउथ ईस्ट एशियन देशों के रेडियो की दुनिया के दिग्गजों के बीच सम्मान प्राप्त हुआ है। मौका था , रेडियो डेज एशिया अंतर्राष्ट्रीय रेडियो कांफ्रेंस का बीते 6 और 7 सितंबर को मलेशिया की राजधानी कुआला लम्पुर में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें विशेष रूप से रेडियो मयूर को आमंत्रित किया गया था और स्टेशन हेड अभिषेक अरुण इस कार्यक्रम में बिहार से सामुदायिक रेडियो को रिप्रेजेंट कर रहे थे ।

इस दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय रेडियो कॉन्फ्रेंस में दुनिया भर से रेडियो ऑडियो और पॉडकास्ट की दुनिया के दिग्गजों का जमावड़ा लगा था और इस क्षेत्र में नया क्या क्या हो रहा है, कैसे इसे और बेहतर बनाया जाए इन सब पर कई मास्टरक्लास और वर्कशॉप भी आयोजित किए गए।

एक वर्कशॉप और मास्टरक्लास में जब ऑन द स्पॉट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया तब अभिषेक ने बाजी मारते हुए एकमात्र पुरस्कार रेडियो मयूर के नाम किया और ऑस्ट्रेलिया के ट्राइटन कंपनी के निदेशक ने उन्हें सम्मानित भी किया।
अभिषेक ने वहां अपने अनुभव भी साझा किए की कैसे वो सामुदायिक स्तर पर बदलाव लाने का प्रयास कर रहे हैं ।

अभिषेक कहते हैं कि, “ये एक अद्भुत अनुभव था जो की जीवन बदल कर रख देगा। सोचने का नजरिया बदल देगा। नई जोश के साथ काम करने का जज्बा भर देगा। पहली बार देश के बाहर जाना हुआ और वो भी रेडियो को साथ लेकर तो ये और भी बेहतर साबित हो गया। मुझे वहां बहुत कुछ सीखने को मिला जो मैं यहां अपने कार्यक्षेत्र में अपनाकर यहां पर लोगों की जीवन में बदलाव लाने का प्रयास करूंगा। अच्छा लगता है जब आपको ये पता लगता है की देश दुनिया में आपकी फील्ड में क्या चल रहा है और क्या क्या नई तकनीक आ रही हैं। रेडियो मरा नहीं है, इसका स्वरूप बदल गया है, इन सब बातों ने हौसला दिया है और विदेश में अपने कार्य के लिए सम्मान मिलना ये अपने आप में एक नई जिम्मेदारी के साथ सामने आया है।”

अभिषेक ने इस सम्मान को पूरी टीम को माता पिता, घरवालों शुभचिंतकों को सहयोगियों को डेडिकेट किया है। बतौर अभिषेक, इस यात्रा के बाद उनके कार्य करने की शैली में बदलाव आएगा और वे अपनी टीम के साथ पूरी ऊर्जा के साथ स्थानीय स्तर पर बदलाव के कार्यक्रमों को और भी बेहतर तरीके से पेश करने की कोशिश करते रहेंगे ।