मुंबई में शराब बिक्री पर लगी रोक, लॉकडाउन छूट वापस, दिल्ली में हाईकोर्ट पहुंचा मामला

नई दिल्लीः देश में कोरोना कहर के बीच सरकार द्वारा अर्थव्यव्स्था को पटरी पर लाने के लिए दी गई लॉकडाउन छूट कोरोना रोकथाम पर कई गई मेहनत पर पानी फेर रही है। शराब दुकानों पर लगी भीड़ और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाती तस्वीरे सामने आ रही है। जो चिंता का विषय है। सरकार के शराब बिक्री के फैसले की आलोचना हो रही है। महारष्ट्र सरकार ने लॉकडाउन में दी गई छूट को वापस ले लिया है। साथ ही शराब बिक्री पर भी रोक लगा दी है। वहीं दिल्ली में भी शराब की दुकाने बंद कराने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

मुंबई में कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने मंगलवार को मुंबई शहर में लॉकडाउन से दी गई छूट को वापस लेने का फैसला किया, जिसमें शराब की दुकानों को फिर से खोलने की अनुमति भी शामिल है, बुधवार को केवल आवश्यक सेवाएं ही उपलब्ध होंगी।मुंबई महानगर पालिका आयुक्त प्रवीण परदेशी ने भारी भीड़ को देखते हुए शराब की दुकानों को बंद करने का फैसला किया है। जिसके बाद आज मुंबई में शराब की दुकानों को बंद करने और शराब की बिक्री पर तत्‍काल प्रभाव से रोक लगा दी गयी।

वहीं दिल्ली हाई कोर्ट में एक गैर सरकारी संगठन (NGO), सिविल सेफ्टी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा एक जनहित याचिका दायर कर दिल्ली में शराब की दुकानों को बंद करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि शराब की दुकानें खुलने से लॉकडाउन का उद्देश्य विफल हो रहा है।अपील में कहा गया है कि राजधानी दिल्ली अभी रेड ज़ोन में है, इसके बावजूद शराब की दुकानों को खोल दिया गया है। ऐसे में जब से दुकानें खुली हैं, तो वहां पर काफी भीड़ जुट रही है जिससे कोरोना वायरस के मामलों के बढ़ने का खतरा है। इसीलिए दुकानों को बंद करने का फैसला लिया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जब लॉकडाउन 3.0 की गाइडलाइन्स जारी की गईं तो उसमें शराब की दुकानें खोलने की इजाजत दी गई। हालांकि, इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होना, एक वक्त में सिर्फ 5 ग्राहकों का मौजूद रहना जैसे नियम थे। लेकिन दुकानें खुलने के बाद इस तरह के किसी नियम का पालन होता नहीं दिख रहा है। पूरे देश में यही हालात सामने आ रहे है।