PM मोदी ने गुजरात को दी बड़ी सौगात

जनादेश/नई दिल्ली: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के नवसारी में राज्य की 3050 करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इस मौके पर आयोजित विशेष गुजरात गौरव अभियान में उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार गुजरात के गौरव को बढ़ा रही है। पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात का गौरव बीते दो दशकों में हुआ तेज विकास है। सबका विकास है और इस विकास से पैदा हुई नई आकांक्षा है। इसी गौरवशाली परंपरा को डबल इंजन की सरकार ईमानदारी से आगे बढ़ा रही है।

पीएम ने कहा कि ‘आज मुझे 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करने का अवसर मिला। ये सारे प्रोजेक्ट सूरत, तापी, नवसारी, वलसाड सहित दक्षिण गुजरात के करोड़ों साथियों का जीवन आसान बनाएंगे। गुजरात की डबल इंजन की सरकार शत-प्रतिशत सशक्तिकरण के अभियान में पूरी ताकत से जुटी है। मैं भूपेंद्र भाई, सी.आर पाटिल और उनकी पूरी टीम को बहुत बहुत बधाई देता हूं।’ आगे पीएम ने कहा कि आज मुझे गौरव इस बात का हो रहा है कि गुजरात छोड़ने के बाद जिन जिन लोगों ने गुजरात को संभालने का दायित्व निभाया और आज भूपेंद्र भाई और सी.आर पाटिल की जोड़ी जिस उमंग और उत्साह के साथ नया विश्वास जगा रही है, उसी का परिणाम है कि आज मेरे सामने 5 लाख लोगों का विशाल जनसमूह है।

आदिवासी क्षेत्र में इतना बड़ा कार्यक्रम कभी नहीं हुआ। आज गुजरात गौरव अभियान में मुझे एक बात का विशेष गौरव हो रहा है। वो गौरव इस बात का हो रहा है कि मैंने इतने साल मुख्यमंत्री के रूप में काम किया, लेकिन कभी भी आदिवासी क्षेत्र में इतना बड़ा कार्यक्रम नहीं हुआ था। प्रधानमंत्री मोदी ने विशाल जन समागम को संबोधित करते हुए कहा कि बीते 8 वर्षों में सबका साथ, सबका विकास के मंत्र पर चलते हुए हमारी सरकार ने गरीब को मूलभूत सुविधाएं देने पर, गरीब के कल्याण पर सबसे ज्यादा जोर दिया है। उन्होंने कहा कि आठ साल पहले आपने अनेक-अनेक आशीर्वाद देकर, बहुत सारी उम्मीदों के साथ मुझे राष्ट्र सेवा की अपनी भूमिका को विस्तार देने के लिए दिल्ली भेजा था।

बीते 8 सालों में हमने विकास के सपने और आकांक्षाओं से करोड़ों नए लोगों, अनेकों नए क्षेत्रों को जोड़ने में सफलता प्राप्त की है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के लंबे कालखंड तक जिन्होंने सबसे अधिक सरकार चलाई, उन्होंने विकास को अपनी प्राथमिकता नहीं बनाया। जिन क्षेत्र, जिन वर्गों को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी वहां उन्होंने विकास किया ही नहीं, क्योंकि ये काम करने में मेहनत ज्यादा लगती है।