गर्जिया जोन को खोलने की मिली अनुमति, रिंगोड़ा क्षेत्र से संचालित होगी क्रिया  

जनादेश/देहरादून: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व पार्क के गर्जिया जोन में एक बार फिर सैलानियों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। दरअसल इसे राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की मंजूरी मिल गई है। गर्जिया जोन को रिंगोड़ा क्षेत्र से खोले जाने की एनटीसीए ने अनुमति दी है। वैसे तो इस जोन को  एनटीसीए की अनुमति के बिना ही दो वर्ष पहले शुरू कर दिया गया था।लेकिन कॉर्बेट के नए निदेशक धीरज पांडे को इस मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने गर्जिया जोन को तत्काल बंद करने की कार्रवाई की थी। जिस वजह से पर्यटन और पार्क से जुड़े लोगों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया। जिसके तहत पार्क प्रशासन ने एनटीसीए से गर्जिला जोन को खोलने की अनुमति मांगी थी। जिस पर एनटीसीए ने हामी भर दी है।

गर्जिया जोन के बंद होने के कारण इस जोन में 57 नेचर गाइड समेत 300 से अधिक जिप्सी चालक और होटल व्यवसाइयों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया था। इसलिए जोन को खोले जाने को लेकर कारोबारियों ने पार्क प्रशासन से बातचीत की थी। जिसके बाद गर्जिया जोन को रिंगोड़ा से खोले जाने को लेकर पार्क प्रशासन ने एनटीसीए से अनुमति मांगी थी। अब NTCA ने पार्क प्रशासन को गर्जिया जोन से खोले जाने की अनुमति प्रदान कर दी है।

रिंगोड़ा से खोले जाने की मंजूरी के बाद गर्जिया क्षेत्र के ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं।दरअसल ग्रामीणों का कहना है कि गर्जिया जोन को रिंगोड़ा क्षेत्र से न खोलकर इसे गर्जिया से ही संचालित किया जाए। इस मामले पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक धीरज पांडे का कहना है कि गर्जिया जोन को एनटीसीए ने रिंगोड़ा से खोलने की अनुमति प्रदान की है।  इसलिए रिंगोड़ा क्षेत्र से ही खोला जाएगा।