स्पीडबोट से अब यात्रा कर सकेंगे संगमनगरी के लोग, एक नाव भी किया जायेगा आरक्षित

जनादेश/प्रयागराज: प्रयागराज में आने वाले देश-विदेश से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मेला प्राधिकरण उपहार देने जा रहा है। वे अब संगम की स्पीडबोट यात्रा करने के साथ-साथ नाव को ऑनलाइन बुक करने की सुविधा भी प्राप्त कर सकेंगे। यह फैसला मेला प्राधिकरण की बैठक में लिया गया था। संभागायुक्त संजय गोयल ने इसके लिए जल्द से जल्द प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए है। बैठक में तय राशि से अधिक नाव शुल्क लेने की शिकायतों पर कैसे अंकुश लगाया जाए, इस पर विस्तृत चर्चा हुई और कई अहम फैसले लिए गए।

इसी क्रम में ऑनलाइन नाव आरक्षण सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया गया। संभागायुक्त ने इसके लिए प्रक्रिया पूरी कर रिजर्व सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए है। इसके अलावा घाटों पर काउंटर खोलकर नाव आरक्षित करने और टोकन सेवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में अक्षयवट मार्ग के सौंदर्यीकरण व विकास कार्यों पर भी मुहर लगाई गई। संभागायुक्त द्वारा मेला क्षेत्र की सफाई, घाटों का विस्तार और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने सहित कई अन्य निर्देश भी दिए गए। बैठक में आईजी राकेश सिंह, डीएम संजय कुमार खत्री, पीडीए उपाध्यक्ष अरविंद कुमार चौहान समेत कई अधिकारी व बोर्ड के सदस्य मौजूद रहे।

संगम क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। बोर्ड की बैठक में यह निर्णय लिया गया। कैमरों की मदद से मेला क्षेत्र पर सुरक्षा की दृष्टि से नजर रखने के साथ ही सफाई कर्मियों व सफाई व्यवस्था पर भी नजर रखी जाएगी। इसके अलावा जल पुलिस चौकी बनाने का भी निर्णय लिया गया। प्रयागराज मेला प्राधिकरण का गठन 2018 में किया गया था, लेकिन वित्तीय सहित कई अधिकार अस्पष्ट हैं। सबसे बड़ी समस्या वित्तीय अधिकारों को लेकर है। इस वजह से कई चीजें धरातल पर नहीं उतर रही हैं। इस पर भी बोर्ड की बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। हालांकि कोई फैसला नहीं हो सका। संगम नोज में फूड कोर्ट, बाजार व्यवस्था समेत अन्य सुविधाएं मुहैया कराने की कवायद एक बार शुरू की गई थी। संगम क्षेत्र में साल भर पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं। इसके अलावा यहां कई वेकेशन सिटी भी हैं।

इसे देखते हुए घाटों के विस्तार में खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। स्थानीय रूप से उत्पादित वस्तुओं के लिए टोपी बनाने सहित कई अन्य निर्णय वहां किए गए हैं। थाना, पार्किंग व्यवस्था आदि जैसी सुविधाओं को बहाल करने का भी निर्णय लिया गया है। दो साल पहले इन कार्यों के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हुई थी, लेकिन कोरोना वायरस के चलते काम आधा ही बंद कर दिया गया था। अब इन सुविधाओं को बहाल करने की कवायद फिर शुरू हो गई है। निदेशक मंडल ने जल्द ही प्रक्रिया शुरू करने और सुविधाओं को बहाल करने का फैसला किया।