दाने-दाने को तरस रहे लोग, गोदामों में से गायब हुआ 5 अरब 35 करोड़ का गेंहू

नई दिल्लीः पाकिस्तान के भ्रष्टाचार रोधी निकाय राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (नैब) ने अपनी एक रिपोर्ट में यह सनसनीखेज खुलासा किया है। कोरोना महामारी और लॉकडाउन की वजह से गरीब मजदूरों के सामने दो जून की रोटी के लाले पड़ गये हैं। एक तरफ लोग भूखे पेट सोने को मजबूर हैं तो वहीं दूसरी ओर सरकारी गोदामों से 1 लाख 64 हजार 797 मीट्रिक टन गेंहू गायब हो गया है। इस गेहूं की कीमत 5 अरब 35 करोड़ 50 लाख रुपये बतायी जा रही है।

एक्सप्रेस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक नैब ने सिंध के नौ जिलों में 15 अरब 85 करोड़ रुपये कीमत के सरकारी गेहूं में हेरफेर और चोरी को पकड़ने के लिए नौ अलग-अलग जांच शुरू की थीं।जांच के तहत टीमों ने नौ जिलों में सरकारी गोदामों पर छापे मारे। छापे के दौरान पता चला कि सरकारी गोदामों से 5 अरब 35 करोड़ 50 लाख रुपये कीमत का 1 लाख 64 हजार 797 मीट्रिक टन गेहूं गायब है।

नैब की रिपोर्ट में कहा गया है कि गेहूं गायब होने के मामले में खाद्य विभाग के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी गलती मानते हुए प्ली बारगेन के द्वारा 2 अरब 11 करोड़ 20 लाख रुपये वापस किए हैं।नैब ने बताया कि जांच में पता चला कि सिंध के सक्खर, लरकाना और बेनजीराबाद संभागों के नौ जिलों से कराची भेजा गया 74 करोड़ 56 लाख 80 हजार रुपये कीमत का 22 हजार मीट्रिक टन गेहूं कराची के गोदामों तक पहुंचा ही नहीं।

भ्रष्टाचार रोधी निकाय नैब ने कहा कि गेहूं के इस घपले और चोरी में खाद्य विभाग के अफसर और कई और लोग शामिल पाए गए हैं। इनके खिलाफ चार मामले दर्ज कर लिए गए हैं, इसके अलावा और मामले भी दर्ज किए जाएंगे। गौरतलब है कि कुछ महीने पहले पाकिस्तान में गेहूं और आटे की भारी किल्लत हो गई थी और इनकी कीमत बेतहाशा बढ़ गई थी।