मदरसों के सर्वे का आदेश, डाटा संकलित करने को टीम गठित

जनादेश/डेस्क: राज्य सरकार ने जनपद में मदरसों के सर्वे के आदेश जारी किए हैं। इस दौरान मदरसों का सच बाहर आएगा कि कितने मदरसे किस तरह से संचालित हो रहे हैं और बच्चों को पाठ्यक्रम में क्या पढ़ाया जा रहा है। वहीं मदरसों में छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए शिक्षक हैं या नहीं इन बिंदुओं पर भी सच सामने लाया जाएगा। जिलाधिकारी शिवाकान्त द्विवेदी ने जनपद के गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सर्वे के लिए संयुक्त टीम गठित कर दी है। दरअसल यह सर्वे 22 दिन में करना है। हालांकि संयुक्त सर्वे टीम में तहसीलों से संबंधित ए सडीएम, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शामिल किए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, सर्वे अपर जिलाधिकारी प्रशासन ऋतु पूनिया के निर्देशन में होगा।उन्होनें आदेश देते हुए लिखा है कि सर्वे टीम 5 अक्टूबर तक मदरसों का सर्वे पूर्ण करेगी और 10 अक्टूबर तक रिपोर्ट या संकलित डाटा अपर जिलाधिकारी प्रशासन के माध्यम से जिलाधिकारी को भेजेगी। साथ ही 25 अक्टूबर तक मदरसों की सर्वे रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इस दौरान संयुक्त टीम में शामिल अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि आपसी समन्वय स्थापित करके जनपद के सभी गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे कर रिपोर्ट प्रारूप पर तैयार करें। और सर्वे के उपरांत रिपोर्ट/संकलित डाटा समय के अनुसार प्रस्तुत करें। आदेश की कॉपी उप सचिव अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ अनुभाग लखनऊ को भी भेजी गई है।

किन बिंदुओं पर होगा मदरसों का सर्वे

जानकारी के लिए बता दें कि गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का विवरण एकत्र करने के लिए राज्य सरकार की ओर से प्रोफार्मा जारी किया गया है। इसके तहत 12 बिंदुओं पर डाटा एकत्र करने को कहा गया है। जिसमें मदरसे का नाम, मदरसे का संचालन करने वाली संस्था का नाम, स्थापना वर्ष, मदरसे की अवस्थिति का संपूर्ण विवरण,क्या मदरसे का भवन छात्र-छात्राओं के लिए उपयुक्त है, पेयजल, फर्नीचर, विद्युत आपूर्ति, शौचालय, अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की कुल संख्या, कुल शिक्षकों की संख्या, मदरसे में लागू पाठ्यक्रम, आय स्रोत, मदरसों में पढ़ रहे छात्र किसी अन्य विद्यालय में नामांकित हैं, क्या किसी गैर सरकारी समूह/संस्था से मदरसे की संबद्धता है यदि हां तो विवरण और अभ्युक्ति का बिंदु शामिल है। इन बिंदूओं के तहत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।