नौकरी की राह में रोड़ा बना ओबीसी प्रमाणपत्र

जनादेश/देहरादून : तहसील चाकीसैण के एक युवा की नौकरी की राह में ओबीसी प्रमाणपत्र रोड़ा बन गया है। बताया जा रहा है कि जिले का राठ क्षेत्र ओबीसी घोषित हो चुका है। यहां के एक युवा का इंडियन एयर फोर्स में एमटीएस पद पर चयन हुआ। एयर फोर्स युवा से ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) प्रमाणपत्र मांग रहा है लेकिन प्रशासन का कहना है कि एक बार ओबीसी प्रमाणपत्र जारी होने के बाद फिर से ईडब्ल्यूएस का प्रमाणपत्र जारी नहीं कर सकते। युवा को अधिकारी आरक्षण का दोहरा लाभ नहीं दिया जा सकता है।

हालांकि जनपद पौड़ी के राठ क्षेत्र का ओबीसी घोषित होना एक युवा के लिए जी का जंजाल बन गया है। राठ क्षेत्र के तहसील चाकीसैण में डोबरी गांव के युवा जसवीर सिंह का चयन बीते जुलाई 2022 को इंडियन एयर फोर्स में एमटीएस के पद पर हुआ था। अब एयर फोर्स ने जसवीर से ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र मांगा है। जसवीर पटवारी से लेकर डीएम तक अधिकारियों के चक्कर काट चुका है लेकिन उसे तीन माह बाद भी प्रमाणपत्र नहीं मिला है। जसबीर सिंह ने बताया कि एयर फोर्स मुझे दो अवसर दे चुकी है। बता दे कि तीसरा अवसर दिए जाने के बाद भी प्रमाणपत्र नहीं मिला तो चयन निरस्त हो जाएगा।

कहा कि मैं तीन माह से तहसील चाकीसैण में संबंधित क्षेत्र के राजस्व उपनिरीक्षक, तहसीलदार, एसडीएम के साथ ही जिले की एडीएम व डीएम के कार्यालयों के कई चक्कर काटकर परेशान हो चुका हूं, लेकिन कोई मेरी समस्या का समाधान नहीं कर रहा है। उन्होंने बताया कि मेरे पिता किसान हैं, मेरी मां गृहणी है। मेरी चार बहनें है। परिवार आर्थिक रूप से बहुत कमजोर है। वहीं एसडीएम चाकीसैण आकाश जोशी ने बताया कि राठ क्षेत्र ओबीसी क्षेत्र है। जसवीर पहले ही ओबीसी प्रमाणपत्र बनवा चुका है अब उसका ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र नहीं दिया जा सकता है। उत्तराखंड शासन के निर्देशानुसार प्रदेश के किसी भी व्यक्ति को आरक्षण का दोहरा लाभ नहीं दिया जा सकता है।