नीतीश सरकार का ऐलान, मजदूरों से नहीं लेंगे किराया, साथ में देगें एक हजार रूपए

पटनाः कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों को घर भेजने के लिए  सरकार द्वारा किराया लिए जाने पर शुरू हुए राजनीतिक घमासान के बाद अब बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भी किराए को लेकर बड़ा ऐलान किया है। सोमवार को नीतीश ने कहा है कि वह मजदूरों से किराया नहीं लेगे। साथ ही वह मजदूरों को एक-एक हजार रूपए की आर्थिक मदद भी प्रदान कराएगे।

सीएम नीतीश कुमार ने कहा, ‘मैं बिहार के लोगों को वापस भेजने के सुझाव पर विचार करने के लिए केंद्र को धन्यवाद देना चाहता हूं। अन्य राज्यों में फंसे बिहार के लोगों को वापस बिहार भेजने के लिए केंद्र को शुक्रिया। किसी को भी टिकट के लिए भुगतान नहीं करना पड़ेगा. उनके लिए यहां क्वारनटीन सेंटर बनाया गया है। उन्होंने कहा कि, ‘बाहर से आए सभी प्रवासी 21 दिनों तक क्वारनटीन सेंटर में रहेंगे। इसके बाद उन्हें एक-एक हजार रुपये की न्यूनतम राशि बिहार सरकार की ओर से दी जाएगी। इस योजना के तहत राज्य सरकार ने 19 लाख लोगों को पहले ही एक-एक हजार रुपये दिए थे।’

बता दें कि इससे पहले तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर लिखा आदरणीय नीतीश कुमार जी, गरीब मजदूरों की तरफ से 50 ट्रेनों का किराया राजद वहन करने के लिए एकदम तैयार है क्योंकि डबल इंजन सरकार सक्षम नहीं है. कृपया अब अविलंब प्रबन्ध करवाइए। सुशील मोदी जी- कुल जोड़ बता दिजीए, तुरंत चेक भिजवा दिया जाएगा। वैसे भी आपको खाता-बही देखने का शौक है।

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वहीं सोनिया गांधी ऐलान कर चुकी हैं कि वह प्रवासी मजदूरों के ट्रेन का खर्चा उठाएंगी. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संकट के समय देश में अलगअलग जगहों पर फंसे हुए प्रवासी मजदूरों के घर वापसी का खर्चा कांग्रेस पार्टी उठाएगी। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार देश ने इतना बड़ा संकट देखा है और ऐसे समय में हर किसी को एक साथ होकल लड़ाई लड़नी है। उन्होंने कहा कि यह सोचने वाली बात है कि जिनके पास आज खाने के लिए पैसे नहीं है वो किराया कैसे दे सकते हैं।