सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अंग्रेजी की नई वर्णमाला

जनादेश/डेस्क: ए फॉर एप्पल बी फॉर बॉय तो सभी ने पढ़ा है लेकिन अब सोशल मीडिया पर अंग्रेजी की नई वर्णमाला वायरल हो रही है। इस वरमाला में भारतीय संस्कृति के प्रतीकों को जगह दी गई है साथ ही इसे लेकर अमीनाबाद के 125 साल पुराने स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा है कि यह नया तरीका बच्चों को पढ़ाने के लिए काफी अच्छा है और इससे बच्चों को भारतीय संस्कृति का ज्ञान भी मिलेगा इस वर्णमाला में ए फॉर एप्पल नहीं बल्कि ए फॉर अर्जुन बी फॉर बॉय नहीं बल्कि बी फॉर बलराम पढ़ाया गया है।

बता दे कि प्रिंसिपल का कहना है जब बच्चों को बचपन से ही भारतीय संस्कृति का ज्ञान दिया जाएगा तो उन में देशभक्ति की भावना आएगी और साथ ही उनकी नॉलेज भी बढ़ेगी। हालांकि उनका यह भी कहना है कि यह वर्णमाला उनको किसी ने भेजी थी, जिसके बाद उन्होंने इस वर्णमाला को आगे बढ़ा दिया। साथ ही उनके स्कूल में अभी इस वर्णमाला को नहीं पढ़ाया जाता है क्योंकि उनका स्कूल शिक्षा से शुरू होता है। जो लोग यह कह रहे हैं कि अमीनाबाद के स्कूल में इस वर्णमाला पढ़ाना शुरू कर दिया गया है वह निराधार है। हां इतना जरूर है कि मैं इस वर्णमाला का सपोर्ट करता हूं।

अमीनाबाद इंटर कालेज के प्रिंसिपल लाल मिश्र के मुताबिक बच्चों को भारतीय इतिहास की बेहद कम जानकारी है। ऐसे में इस तरीके के कदम उनके ज्ञान में बढ़ोतरी करेगा। अमीनाबाद इंटर कालेज के प्रिंसिपल ने यह भी कहा कि इस वर्णमाला के जरिये बच्चों को भारतीय संस्कृति से परिचित होने का मौका भी मिलेगा। इस तरीके की अंग्रेजी अल्फाबेट की पीडीएफ फाइल सोशल मीडिया पर भी उपलब्ध है। इसमें शब्दों से जुड़ी तस्वीरें जैसे कि एक और अर्जुन तो वहां एक वाक्य में अर्जुन का परिचय भी दिया गया है, कि वह एक महान योद्धा थे। बी फॉर बलराम और यहां पर बलराम को भगवान श्री कृष्ण का बड़ा भाई भी बताया गया है। इससे बच्चों को हमारी संस्कृति का ज्ञान होगा। इसलिए मेरा यह सुझाव है कि इस वर्णमाला को बच्चों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए, लेकिन इस पर फैसला सरकार लेगी ।