शराब से रोक हटते ही शुरू हुआ हत्या का सिलसिला, बेटे ने की मां की हत्या, दोस्त ने दोस्त को मारा

छत्तीसगढ़ में नशेड़ी बेटे ने किया मां का सिर धड़ से अलग, हमले में बहन भी गंभीर घायल

वाराणसी में शराब पी रहे दोस्तों में हुई कहासुनी, तो एक युवक को बेरहमी से पीटकर उतारा मौत के घाट

नई दिल्लीः देश में शराब से रोक हटते ही वारदातों का सिलसिला शुरू हो गया है। गुरूवार को शराब के कारण दो बड़ी वारदाते सामने आई है। पहला मामला छत्तीसगढ़ के बिलासपुर का है। यहां एक नशेड़ी बेटे ने अपनी मां की निर्मम हत्या कर दी इतना ही नहीं बचाव में आई बहन भी गंभीर घायल हो गई है। वहीं वाराणसी में शराब पी रहे दोस्तों ने एक मामूली कहासुनी में एक युवक को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

बता दें कि मुंगेली के रामगोपाल तिवारी वार्ड में गुरुवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक युवक हाथ पर खून से सना टंगिया लेकर करीब 20 मिनट तक तांडव मचाता रहा। यह देखकर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इस दौरान उसने अपनी मां को कुल्हाड़ी मारकर मौत के घाट उतार दिया। बीच बचाव करने आई अपनी बहन पर भी प्राणघातक हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। मरणासन्न स्थिति में उपचार के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बताया गया है कि युवक कुछ काम नहीं करता है, जिसे लेकर मां समझाइश देती थी। यह उसे नागवार गुजरा और कुल्हाड़ी से अपनी मां का गला काट डाला और खून से सने कुल्हाड़ी को अपने घर के पास लहराते हुए घूम रहा था। मौके पर पहुंची पुलिस और पड़ोसियों ने उसे बहुुत समझाया, तब जाकर उसने टंगिया छोड़ा। मुंगेली के रामगोपाल तिवारी वार्ड में पंप ऑपरेटर धनीराम यादव का घर है । उसका एक बेटा अनिल उर्फ़ सोनू यादव आदतन नशेड़ी है।

वहीं दूसरी और वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में बुधवार रात शराब पी रहे दोस्तों ने नशे में एक युवक की ईंट-पत्थर से कूचकर हत्या कर दी। घटना की सूचना के बाद पुलिस व घरवाले युवक को पास के अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि शिवपुर थाना क्षेत्र के शुद्धिपुर इलाके में एक खाली प्लॉट में शराब पी रहे तीन युवकों में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इस दौरान मनीष सोनकर (25) नाम के युवक को अन्य दोनों ने ईट-पत्थर से कूचकर मौत के घाट उतार दिया। वारदात की जानकारी होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में पुलिस और परिजन मनीष को लेकर मंडलीय अस्पताल में पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।