ओबीसी आरक्षण के साथ होने जा रहे है नगर निकाय चुनाव

जनादेश/मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश में आज सुप्रीम कोर्ट ने शहरी निकाय और पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण को हरी झंडी दिखा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को इस संबंध में एक सप्ताह के भीतर नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। इससे पहले मंगलवार को कोर्ट ने मध्य प्रदेश के शिवराज सरकार की याचिका पर सुनवाई करी। सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को राज्य चुनाव आयोग को दो हफ्ते के भीतर नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के लिए नोटिस जारी करने का आदेश दिया था।अदालत के आदेश के बाद शिवराज सरकार ने समीक्षा के लिए याचिका दायर की थी।

राज्य सरकार ने राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत की है, जिसके बाद आज आरक्षण देने के आधार को लेकर सरकार का पक्ष सुना गया है। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से कहा गया था कि पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट के आकलन के बाद ही वह ओबीसी आरक्षण पर फैसला देगा। बता दें कि मप्र की शिवराज सरकार ने एप्लीकेशन फार माडिफिकेशन के माध्यम से बिना ओबीसी आरक्षण के ही पंचायत चुनाव कराए जाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। कोर्ट ने 10 मई को जो आदेश दिया था उसमें संसोधन की मांग की गई थी। सरकार का कहना था कि वह चुनाव कराने के पक्ष में है लेकिन ओबीसी वर्ग को निकाय और पंचायत चुनाव में 27 प्रतिशत आरक्षण मिले इसके लिए सरकार की तरफ से पूरी कोशिश की जा रही है।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग ने ओबीसी के आरक्षण के आधार पर हाईकोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की थी।आयोग को ओबीसी के लिए 35 प्रतिशत रिजर्व की आवश्यकता थी। सुप्रीम कोर्ट ने मप्र में पिछड़े वर्गों को तीन स्तरों, पंचायत और शहरी निकायों में आरक्षण प्रदान करने के लिए एक अध्ययन का आदेश दिया था।