कश्मीरी पंडितों का आंदोलन: प्रदर्शनकारी बोले- सैलरी काटकर शोषण न करें

जनादेश/श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडित टारगेटेड किलिंग के खिलाफ कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच प्रशासन सख्त हो गया है। बुधवार को प्रशासन ने आदेश जारी कर दिया है। इसमें कहा गया कि सितंबर में गैरहाजिर कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलेगा। धरने पर बैठे कश्मीरी पंडितों ने कहा कि सैलरी काटकर हम लोगों का शोषण न किया जाए।

लगातार हो रही टारगेटेड किलिंग के बाद 4 हजार से ज्यादा कश्मीरी पंडित कर्मचारी 134 दिन से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। इनकी मांग है कि सरकार सुरक्षा की गारंटी दे और घाटी से बाहर पोस्टिंग करे। हालांकि, इन कर्मचारियों की सरकार के साथ अब तक हुई बातचीत में आम सहमति नहीं बन पाई है।

वेतन रोके जाने के आदेश पर संघ ने कहा कि कर्मचारी ट्रांसफर की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं, लेकिन सुध नहीं ली जा रही है। समस्या हल करने के बजाय कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले, समस्या हल करने के लिए प्रशासन ने LG के सचिवालय में विशेष सेल का गठन किया था।

विरोध कर रहे कर्मचारियों ने राहत आयुक्त, जम्मू के कार्यालय में ट्रांसफर और अटैचमेंट के लिए सहमति फॉर्म भरने के लिए अभियान चलाया है। अब तक 1500 कर्मचारियों ने अपने सहमति फॉर्म जमा कर दिए हैं।

जम्मू में धरने पर बैठे रूबन सप्रू ने कहा कि हमारी एक ही मांग है कि हमें घाटी से बाहर सुरक्षित पोस्टिंग दी जाए। हम सुरक्षा कारणों से काम पर नहीं जा रहे हैं। सरकार हर विभाग को यह आदेश जारी करे कि PM पैकेज के तहत काम करने वाले एक भी कर्मचारियों की सैलरी न रोकी जाए। इस मुद्दे के समाधान के लिए प्रशासन को एक कमेठी गठित करनी चाहिए, ताकि बातचीत बहाल हो सके।