तबाह हुए शहरों में मिल रहे लाशों के पहाड़

जनादेश/वर्ल्ड डेस्क: यूक्रेन कभी एक खूबसूरत देश था। लेकिन पिछले डेढ़ महीने में इस शहर की तस्वीर बदल चुकी है। अब यह शहर दर्द, चीख, मौत और सन्नाटे के लिए जाना जाता है। रूस ने इस शहर को इतनी यातनाएं दी हैं, जो सालों तक यूक्रेनवासियों के जेहन से निकालें नहीं निकलेंगी। खंडहर हो चुके शहर इसके साथ हुई बर्बरता का जीता-जागता उदाहरण बन चुके हैं। यहां से नरसंहार की वह तस्वीरें सामने आ रही हैं, जो लाशों का पहाड़ बनाती हैं।

बूचा नरसंहार और लाशों का पहाड़ 
यूक्रेन में चल रही जंग की अब तक की सबसे भयानक तस्वीर है बूचा नरसंहार। रूसी सैनिकों के जाने के बाद यहां एक साथ 410 से ज्यादा लाशें मिली। इन लोगों को मारने से पहले इनके साथ जो बर्बरता की गई उसे जानकर कोई भी सिहर उठेगा। खबरों के मुताबिक, बूचा में हुए नरसंहार में ज्यादातर लाशों के हाथ बंधे हुए थे और उनके माथे पर गोली मारी गई थी। यानि, मारने से पहले उनके हाथ बांधकर उन्हें यातनाएं दी गई थीं। अब इन लाशों को दफनाने के लिए 45 फीट लंबी कब्र कीव में खोदी गई है।

हत्यारे, बलात्कारी और लुटेरे
इस नरसंहार के लिए यूक्रेन रूस को आरोपी ठहरा रहा है। बूचा से यह तस्वीर सामने आने के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूसी सैनिकों को हत्यारा बताया है। उन्होंने कहा रूसी सैनिक हत्यारे हैं। बलात्कारी हैं। लुटेरे हैं। यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि रूसी सैनिक जिन शहरों को छोड़कर जा रहे हैं, वे उसके पीछे एक भयानक मंजर छोड़ते जा रहे हैं। ज्यादातर लाशें वहां मिल रही हैं, जिन इलाकों को रूसी सैनिकों ने अपना अड्डा बनाया था।

मैरियूपोल बन गया खंडहर 
जंग में रूस ने यूक्रेन के कई शहरों को नुकसान पहुंचाया है। अधिकतर इमारतें तबाह हो चुकी हैं। हालांकि, सबसे ज्यादा नुकसान पोर्ट सिटी मैरियूपोल को हुआ है। यहां के मेयर क कहना है कि रूसी हमलों में मैरियूपोल 90 प्रतिशत तबाह हो चुका है। इस शहर पर कब्जे के लिए अभी भी रूस और यूक्रेन के सैनिकों के बीच भारी गोलीबारी हो रही है।