मोहाली MMS कांड: आख़िर क्यों बनाए गए लड़कियों के वीडियो, जानें वजह

जनादेश/चंडीगढ़: मोहाली की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी वीडियो कांड में नए-नए खुलासे हो रहे हैं।  एसआईटी ने मंगलवार शाम को भी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी वीडियो कांड के आरोपियों से पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार इस दौरान आरोपी छात्रा ने कहा है कि सन्नी का दोस्त रंकज वर्मा उसे ब्लैकमेल कर रहा था। वह उसे धमकी दे रहा था कि वह हॉस्टल की लड़कियों की वीडियो भेजे वरना वह उसके वीडियो वायरल कर देगा। हालांकि उसने उसे कितने वीडियो भेजे हैं, इस बारे में उसने कुछ नहीं बताया।

 पुलिस इस बयान को गंभीरता से ले रही है। अब तीनों आरोपियों के मोबाइल का डाटा मिलने का इंतजार किया जा रहा है ताकि पूरे मामले से पर्दा उठाया जा सके। उधर, एसआईटी की प्रमुख एडीजीपी गुरप्रीत कौर दियो मंगलवार शाम सात बजे फिर से खरड़ सदर थाने पहुंचीं और आरोपियों से दोबारा पूछताछ की। साथ ही अधिकारियों से बैठक भी की। इस दौरान थाने का गेट पूरी तरह से बंद रखा गया। देर रात नौ बजे के बाद यह टीम यहां से बाहर निकली। सूत्रों से पता चला है कि आरोपियों को लेकर अब टीम शिमला भी जाएगी ताकि पेन ड्राइव व अन्य चीजों को बरामद किया जा सके।

सीयू वीडियो कांड के आरोपियों से मिलने के लिए उनके वकील मंगलवार को खरड़ सदर थाना पहुंचे लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें थाने के अंदर नहीं जाने दिया। हालांकि वकीलों के पास अदालत से जारी दस्तावेज भी थे जिसके आधार वह आरोपियों से मिलने आए थे। बाद में दस्तावेज पुलिस के उच्च अधिकारियों के पास भेजे गए जिस पर उन्होंने कुछ आपत्तियां लगाकर वकीलों को मुलाकात से मना कर दिया। अब आरोपियों के वकीलों ने डीएसपी खरड़ से मिलकर मुलाकात का समय मांगा है लेकिन एसआईटी टीम की लगातार जांच चलने के कारण उन्हें इंतजार करने को कहा गया है।

आरोपी रंकज वर्मा के बड़े भाई पंकज वर्मा मंगलवार को खरड़ पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि रंकज और आरोपी सन्नी मेहता के बीच कोई दोस्ती नहीं है। कहा कि रंकज सन्नी को जानता तक नहीं था। कहा कि पुलिस यह भी कह रही है कि आरोपी छात्रा से भी रंकज की दोस्ती थी जबकि यह बात भी गलत है। पंकज ने कहा कि रंकज ने शिमला में भी ये बातें पुलिस को बताईं थीं। उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए मान भी लें कि रंकज और सन्नी की आपस में जान पहचान है तो इस वजह से भी उसे आरोपी नहीं माना जा सकता।

पंकज ने आगे कहा कि जिस तरह खबरें आ रहीं हैं कि सन्नी आगे रंकज को फोटो और वीडियो भेजता था तो उस नंबर को सामने लाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्हें 18 सितंबर को जैसे ही इस घटना का पता चला वह शिमला स्थिल ढली थाने में पहुंचे। रंकज ने शिकायत दी थी कि प्रकरण में उसकी डीपी का इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे में इस मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि उस दिन वह तीन बार थाने गए थे। इसके बाद हिमाचल पुलिस ने पंजाब पुलिस से बात करवाई। हम साढ़े आठ बजे तक थाने में रहे। पंकज ने कहा कि पंजाब पुलिस रंकज को वहां से लेकर आई है लेकिन इस मामले में अभी तक उसके खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं हैं जबकि डीपी का इस्तेमाल कर उसके भाई को दोषी करार दे दिया गया।