मोदी को मिली क्लीन चिट बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जकिया की याचिका

जनादेश/नई दिल्ली: 2002 गुजरात दंगों में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट देने वाली SIT रिपोर्ट के खिलाफ याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। यह याचिका जकिया जाफरी ने दाखिल की थी। जकिया जाफरी के पति एहसान जाफरी की इन दंगों में मौत हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जकिया की याचिका में मेरिट नहीं है।

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि PM मोदी के खिलाफ जो ईकोसिस्टम चल रहा था, उसे झटका लगा है। PM के पीछे लेफ्ट गैंग पड़ा था। कांग्रेस और कुछ पार्टियों की मदद से अपनी दुकान चलाने वालों को आज झटका लगा है, सच देश के सामने है।

72 साल के एहसान जाफरी कांग्रेस नेता और सांसद थे। उन्हें उत्तरी अहमदाबाद में गुलबर्ग सोसाइटी के उनके घर से निकालकर गुस्साई भीड़ ने मार डाला था। जकिया ने दंगे की साजिश के मामले में मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती दी थी।मजिस्ट्रेट ने SIT की उस क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार किया था, जिसमें तत्कालीन CM नरेंद्र मोदी समेत 63 लोगों को दंगों की साजिश रचने के आरोप से आजाद किया गया था। हाईकोर्ट भी इस फैसले को सही करार दे चुका है।

यह मामला जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस सीटी रविकुमार की बेंच ने सुना। सुप्रीम कोर्ट ने जकिया की याचिका पर सिर्फ 14 दिन में सुनवाई पूरी की और 9 दिसंबर 2021 को फैसला सुरक्षित रख लिया था। याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल, SIT की ओर से सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी और गुजरात की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलीलें दीं।

2008 में सुप्रीम कोर्ट ने SIT का गठन किया। उसे इस मामले में हुईं तमाम सुनवाइयों पर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। बाद में जकिया की शिकायत की जांच भी SIT को सौंपी गई। SIT ने मोदी को क्लीन चिट दी और 2011 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर SIT ने मजिस्ट्रेट को क्लोजर रिपोर्ट सौंपी। 2013 में जकिया ने क्लोजर रिपोर्ट का विरोध करते हुए मजिस्ट्रेट के सामने याचिका दायर की। मजिस्ट्रेट ने यह याचिका खारिज कर दी। इसके बाद जाकिया ने गुजरात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने 2017 में मजिस्ट्रेट का फैसला बरकरार रखा। तब जकिया ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।