ज्ञानवापी मस्जिद विवाद में मायावती की हुई एंट्री, बीजेपी पर लगाए आरोप

जनादेश/वाराणसी: वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद के बीच नेताओ की बयानबाजी का दौर जारी है। और विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरना का एक भी मौका नही छोड़ रहा है। अब इस कड़ी में बसपा प्रमुख मायावती की भी एंट्री हो चुकी है। बीएसपी प्रमुख मायावती ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि वो ग़रीबी, बेरोज़गारी और महंगाई से ध्यान बँटाने के लिए चुन-चुन कर धार्मिक स्थलों को निशाना बना रही है।

वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद के बीच मायावती ने चेतावनी दी है कि इन सब चीज़ों से यहाँ हालात कभी भी बिगड़ सकते हैं। पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में मायावती ने कहा- आज़ादी के वर्षों बाद यहाँ ज्ञानवापी, मथुरा, ताजमहल और अन्य स्थलों के मामलों की आड़ में जिस तरह से षडयंत्र के तहत लोगों की धार्मिक भावनाओं को भड़काया जा रहा है, तो इससे अपना देश मज़बूत नहीं, कमज़ोर ही होगा। इस ओर बीजेपी को ध्यान देने की आवश्यकता है। दरअसल मायावती ने ट्वीट करते हुए विशेषकर एक धर्म समुदाय से जुड़े स्थानों के नाम बदले जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इससे देश में नफ़रत और द्वेष की भावना पैदा होगी। वाराणसी की ज़िला अदालत के एक फ़ैसले के बाद पिछले दिनों ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे हुआ।

सर्वे के बाद वाराणसी की अदालत ने ये कहा कि जिस जगह शिवलिंग मिलने का दावा किया जा रहा है, उसे सील किया जाए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाख़िल की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने भी वाराणसी प्रशासन को ये आदेश दिया कि जिस जगह शिवलिंग मिलने का दावा किया जा रहा है, उसे सुरक्षित रखा जाए. लेकिन नमाज़ में भी बाधा नहीं आनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में अब इस मामले की सुनवाई 19 मई को होगी।