महाराष्ट्र सरकार को रेलवे के विकास में योगदान देना चाहिए: केंद्रीय मंत्री

जनादेश/जालना: केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र में रेलवे के विकास के लिए महा विकास आघाड़ी सरकार को परियोजनाओं के लिए अपने हिस्से का 50 प्रतिशत योगदान देना चाहिये। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री दानवे ने जालना रेलवे स्टेशन पर मनमाड से मुदखेड़ तक रेल विद्युतीकरण के उद्घाटन के अवसर पर यह बात कही। दानवे ने मनमाड से मुदखेड़ तक रेल विद्युतीकरण के लिए सब-स्टेशन और बिजली के खंभे का लोकार्पण किया। समारोह में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री डॉ भागवत कराड़, सांसद संजय जाधव, विधायक कैलाश गोरंट्याल, संतोष दानवे, नारायण कुचे, अतुल सावे और प्रशांत बंब और रेलवे व जिला अधिकारी मौजूद थे।

दानवे ने कहा कि राज्य में विभिन्न तबकों से रेलवे के विकास की मांग की जा रही है। केंद्र रेलवे परियोजनाएं और नयी लाइनें बिछाने के लिए तैयार है, लेकिन नीति के मुताबिक राज्य को अपने हिस्से का 50 फीसदी योगदान देना है। मंत्री ने कहा कि बहुप्रतीक्षित नागपुर-मुंबई बुलेट ट्रेन पर काम जल्द ही शुरू हो जाएगा क्योंकि कुछ दिनों में विकास परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) जारी की जाएगी। इससे यात्री मुंबई से औरंगाबादसिर्फ 1 घंटे 40 मिनट में पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र ने देश भर में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए रेलवे के विद्युतीकरण की योजना बनाई है।

देश भर में रेलवे स्टेशनों के विकास के बारे में दानवे ने कहा कि पहले चरण में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस सहित कम से कम 75 रेलवे स्टेशनों को विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रेलवे ने माल ढुलाई प्रणाली की दक्षता और तीव्र आवाजाही लिए समर्पित मालगाड़ी गलियारा (डीएफसी) परियोजना शुरू की है। इस परियोजना में पूरे देश में छह मालगाड़ी गलियारों का निर्माण शामिल है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री डॉ कराड़ ने मांग की कि नांदेड़ रेलवे डिवीजन को मध्य रेलवे से जोड़ा जाए, क्योंकि दक्षिण-मध्य रेलवे मराठवाड़ा क्षेत्र की उपेक्षा करता है।