कर्नाटक के लिंगायत संत गिरफ्तार: सीने में दर्द की शिकायत पर चित्रदुर्ग जेल से अस्पताल में हुए शिफ्ट ; नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म का आरोप

जनादेश/डेस्क: कर्नाटक के श्री मु मुरुघ मठ के मुख्य पुजारी शिवमूर्ति मुरुघा शरणारू को शुक्रवार को 14 दिन की कोर्ट कस्टडी में भेज दिया गया। शरणारू पर गणित स्कूल में पढ़ने वाली दो नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करने का आरोप है। शरणारू को कर्नाटक पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया था। हालांकि शिवमूर्ति को सीने में दर्द की शिकायत के बाद मुरुग शरणारू जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके पहले शरणारू चित्रदुर्ग जिला जेल ले गए थे। वहीं, पुलिस शनिवार को ओपन कोर्ट में शरणारू को पुलिस रिमांड में लेने की मांग करेगी।

अगस्त में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं डीके शिवकुमार और केसी वेणुगोपाल के साथ चित्रदुर्ग में मुरुघा मठ गए थे। मुरुघा मठ एक प्रभावशाली संस्थान है, जहां नियमित रूप से आने वाले राजनेताओं की एक लंबी सूची है। शरणारू ने राहुल गांधी को ‘लिंगादीक्ष’ भी किया था। यह एक आधिकारिक समारोह है जिसमें किसी शख्स को लिंगायत संप्रदाय में आमंत्रित किया जाता है।

पोक्सो कानून के तहत दर्ज हुआ मामला
शिवमूर्ति मुरुघा शरणारू पर नाबालिगों का यौन उत्पीड़न का आरोप है। पीड़ित लड़कियों ने न्याय की मांग करते हुए मैसूर में ‘ओदानदी’ NGO से संपर्क किया था। उन्हें 26 अगस्त को मैसूर में बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया और उसी रात मुरुघा शरण समेत 5 के खिलाफ कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

शिकायत करने वाली लड़कियों का कहना है कि वे मठ द्वारा संचालित एक स्कूल में पढ़ती हैं, उनकी उम्र 15 से 16 साल के बीच है। संत ने साढ़े तीन साल से अधिक समय तक उसका यौन शोषण किया। पीड़ित 24 जुलाई को आश्रय छोड़कर 25 जुलाई को कॉटनपेट पुलिस स्टेशन पहुंचे। इसके बाद 26 अगस्त को उन्होंने पवित्र लिंगायत के खिलाफ मैसूर के नज़राबाद पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई।