जानें व्रत रखना शरीर के लिए कितना फायदेमंद है

जनादेश/डेस्क: हमारा शरीर एक मशीन की तरह है और उसे आराम देने के लिए बीच-बीच में व्रत रखना ज़रूरी होता है। इससे डाइजेस्टिव सिस्टम को आराम करने का मौका मिलता है। साथ ही व्रत रखने से तन और मन दोनों की शुद्धि होती है। इसलिए कोशिश करें हफ्ते में एक दिन व्रत जरूर रखें।आइए जानते हैं व्रत रखने से व्यक्ति की सेहत को क्या-क्या फायदे मिलते हैं।

बॉडी होती है डिटॉक्सीफाई-

उपवास के दौरान अगर व्यक्ति खाद्य पदार्थों की जगह तरल पदार्थों का सेवन करें तो उसकी बॉडी डिटॉक्सीफाई होगी। इतना ही नहीं इस तरह उपवास रखने से पाचन बेहतर होने के साथ पेट संबंधी और त्वचा संबंधी समस्याएं भी कम परेशान करती हैं।  

वेट लॉस में करता है मदद-

वेट लॉस करने के लिए उपवास एक अच्छा तरीका हो सकता है। इंटरमिटेंट फास्टिंग से बढ़ती चर्बी को कम करने में मदद मिल सकती है। इस तरह के फास्ट में ठोस पदार्थों की जगह पेय पदार्थों का सेवन किया जाता है।

पाचन तंत्र के लिए अच्छा-

एक शोध के अनुसार, 62.33 प्रतिशत लोगों को उपवास के दौरान अपच की समस्या नहीं हुई। जबकि 27 प्रतिशत लोगों की अपच की परेशानी ठीक भी हो गई। व्रत रखने से पाचन संबंधी विकार भी दूर हो सकते हैं।

त्वचा की बनाए रखे चमक- 

व्यक्ति के खान-पान का असर उसकी त्वचा पर साफ दिखाई देता है। तला-भूना मसालेदार भोजन त्वचा का निखार छीनकर कील-मुंहासे जैसी समस्याओं को भी पैदा कर सकता है। ऐसे में व्रत रखने से शरीर में मौजूद विषैले तत्व बाहर निकलते हैं और त्वचा की खोई चमक वापस लौट आती है। 

कोलेस्ट्रॉल कम करें-

उपवास करने से कोलेस्ट्रॉल का जोखिम भी कम हो सकता है। कई शोध बताते हैं कि एक दिन के अंतराल के बाद किए जाने वाले उपवास से कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है। इससे ट्राइग्लरसाइड यानी एक प्रकार का वसा और खराब कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित हो सकता है।

आपको बता दें कि अभी श्राद्ध पक्ष खत्म होते ही मां दुर्गा के भक्त नवरात्रि व्रत की तैयारियों में जुट जाएंगे। बता दें, इस बार शारदीय नवरात्रि के व्रत 26 सितंबर से शुरू होने वाले हैं। नवरात्रि में 9 दिनों तक देवी के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। मान्यता है कि नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा अर्चना और व्रत रखने से भक्तों की मनोकामना जल्द पूरी होती है।