भारत ने जीते 10 पदक, थाईलैंड ओपन में गोविन्द सुमित और अनंत ने जीता गोल्ड

जनादेश/नई दिल्ली: भारतीय मुक्केबाज गोविंद साहनी अनंत प्रह्लाद चोपाडे और सुमित ने शनिवार को फुकेट में थाईलैंड ओपन के अपने-अपने मुकाबलों में आसान जीत के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किए। गत राष्ट्रीय चैंपियन गोविंद और सुमित दोनों भारतीय मुक्केबाजों ने अपने दमदार मुक्कों से तीनों दौर में दबदबा बनाते हुए 5-0 के समान अंतर से जीत दर्ज की। गोविंद ने स्थानीय दावेदार नटहाफोन थुआमचेरोन को जबकि सुमित ने पीतापत यीसुंगनियोन को हराया। अनंत ने आक्रामकता और रक्षण का अच्छा मिश्रण करते हुए थाईलैंड के ही रितियामोन सेइंगसवांग को सर्वसम्मत फैसले से हराया।

अमित पंघाल, मोनिका, वरिंदर सिंह और आशीष कुमार को हालांकि फाइनल में हार के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा। विश्व चैंपियनशिप 2019 के रजत पदक विजेता पंघाल को फिलिपीन्स के रोगेन लेडन के खिलाफ बेहद कड़े मुकाबले में खंडित फैसले में 2-3 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। दोनों मुक्केबाजों के बीच बेहद कड़ा मुकाबला देखने को मिला। भारत के 26 साल के पंघाल ने पहला दौर जीता लेकिन लेडन अगले दो दौर जीतकर मुकाबला अपने नाम करने में सफल रहे। पुरुष 81 किग्रा वर्ग में पिछले सत्र में 75 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाले आशीष को कजाखस्तान के नुरबेक ओरालबे के खिलाफ 0-5 से हार का सामना करना पड़ा। वरिंदर को भी स्थानीय मुक्केबाज खुनातिप पिदनुच के खिलाफ 0-5 से शिकस्त झेलनी पड़ी।

दूसरी तरफ मोनिका को भी कड़ी चुनौती पेश करने के बावजूद स्थानीय मुक्केबाज चुटामस राक्सा के खिलाफ 0-5 की हार के साथ रजत पदक मिला। टूर्नामेंट के पिछले सत्र में भारत ने एक स्वर्ण, चार रजत और तीन कांस्य पदक के साथ कुल आठ पदक जीते थे। इस प्रदर्शन में सुधार करते हुए भारत ने इस बार तीन स्वर्ण, चार रजत और तीन कांस्य पदक से 10 पदक जीते। शुक्रवार को मनीषा पूजा और भाग्यवती कचारी ने कांस्य पदक जीते। टूर्नामेंट के स्वर्ण पदक विजेता को दो हजार डॉलर जबकि रजत और कांस्य पदक विजेता को क्रमश: एक हजार डॉलर और 500 डॉलर मिले।