भारत ने टूटे चावल के निर्यात पर लगाई रोक

जनादेश/डेस्क: देश में लगातार बढ़ती महंगाई के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बता दें कि दुनिया के सबसे बड़े चावल निर्यातक भारत ने टूटे चावल के निर्यात पर रोक लगा दी है। सरकार ने इसके लिए आदेश भी जारी कर दिया है। इसके अलावा सरकार ने अन्य किस्मों के चावल पर निर्यात कर 20 प्रतिशत कर दिया है। उसना चावल को छोड़कर गैर-बासमती चावल पर भी 20 प्रतिशत का निर्यात शुल्क लगा दिया है। औसत से कम मॉनसून बारिश के कारण स्थानीय बाजारों में चावल की बढ़ती कीमतों पर लगाम कसने के लिए यह फैसला किया गया है।

बता दें कि चीन के बाद भारत चावल का सबसे बड़ा उत्पादक है। चावल के वैश्विक व्यापार में भारत का भाग 40 प्रतिशत है। भारत दुनिया के 150 से ज्यादा देशों को चावल का निर्यात करता है। पहले से खाने के सामान की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि झेल रही दुनिया के लिए यह एक बड़ी समस्या हो सकती है। साथ ही इसका असर दुनियाभर के बाजारों में महंगाई के रूप में देखने को मिल सकता है।

ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बीवी कृष्णाराव ने बताया कि निर्यात कर का असर भूरे और सफेद चावल पर होगा जो निर्यात का कुल 60 प्रतिशत है। उन्होंने कहा, “इस कर के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत का निर्यात महंगा हो जाएगा। फिर खरीददार थाईलैंड और वियतनाम की ओर जाएंगे।”

आपको बता दें कि टूटा चावल आमतौर पर गरीब अफ्रीकी मुल्कों को जाता है जहां इंसानों के अलावा इसे मवेशियों को भी खिलाया जाता है।