गृह सचिव का राज्यों को आदेश, प्रवासी जहां पैदल जाते दिखे, उन्हें वहीं दें सुविधा

नई दिल्लीः  होम सेक्रटरी ने राज्य के सचिवों को निर्देश दिए हैं कि अगर प्रवासी मजदूर पैदल जाते दिखें तो उन्हें समझाकर पास के शेल्टर में ले जाएं और वहां खाने-पीने का प्रबंध करें। इसके बाद श्रमिक स्पेशल ट्रेन या बस से उन्हें घर पहुंचाया जाएगा। केंद्रीय गृह सचिव ने राज्यों से कहा है कि चिकित्सा और सफाई से जुड़े कर्मचारियों के आनेजाने के लिए सही रास्ता निकालें और सभी प्राइवेट क्लीनिक खोलने की अनुमति दें। ऐंबुलेंस और स्वास्थ्य कर्मियों को एक राज्य से दूसरे राज्य जाने की भी अनुमति होगी।

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला की ओर से लिखे गय पत्र में कहा गया है कि सड़कों और रेलवे ट्रैक पर पैदल चलते प्रवासी मजदूर सरकार की पहली प्राथमिकताओं में से एक है। कैबिनेट सचिव राजीव गौबा के साथ रविवार को हुई बैठक का जिक्र करते हुए अजय भल्ला ने कहा कि प्रवासी मजदूरों के सड़कों और रेलवे की पटरियों पर चलने की घटनों पर गंभीरता से संज्ञान लिया गया। उन्होंने कहा, ”उनकों घरों तक ले जाने के लिए बसें और श्रमिक विशेष ट्रेनें शुरू हो गई हैं, इसलिए राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रवासी मजदूर सड़कों और रेलवे की पटरियों पर पैदल चल वापस लौटने की कोशिश ना करें।”

साथ ही इस पत्र में यह भी कहा गया है की स्थानीय लेवल पर डॉक्टरों के जो भी नर्सिंग होम हैं या क्लीनिक है जहां लोग अपने रोजमर्रा की बीमारी के बारे में दवा आदि लेते हैं ऐसे नर्सिंग होमों को खोलने में किसी भी तरह की कोई बाधा उत्पन्न ना की जाए क्योंकि जब स्थानीय लोगों को स्थानीय लेवल पर रूटीन बीमारी या रूटीन चेकअप होने की सुविधा मिलेगी तो वह सरकारी अस्पताल नहीं जाएंगे और सरकारी अस्पतालों से रूटीन बीमारी के मामलों का बोझ कम किया जा सकेगा.